-२६ साल में ८ पार्टियां, अब ४८ करोड़ की संपत्ति
-अंजलि दमानिया ने खोली माणिकराव की कुंडली
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के पूर्व कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को रमी खेलनेवाले वीडियो के बाद मंत्रालय से हटा दिया गया, लेकिन इस मुद्दे पर उठते सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे। अब सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कोकाटे पर बड़ा हमला बोलते हुए उनकी पूरी राजनीतिक यात्रा और संपत्ति में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कोकाटे को किसान नहीं, व्यापारी बताते हुए कहा कि ये लोग राजनीति में सेवा नहीं, सिर्फ कमाई करने आए हैं। उन्होंने कोकाटे की कुंडली खोलते हुए कहा कि उन्होंने २६ सालों में न केवल आठ पार्टियां बदली हैं, बल्कि अब तक ४८ करोड़ की संपत्ति भी बना चुके हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने विधानसभा में माणिकराव कोकाटे का ऑनलाइन रमी खेलते हुए वीडियो सार्वजनिक किया था। इसके बाद विपक्ष ने कोकाटे से कृषि मंत्रालय वापस लेने की मांग की। आखिरकार, कोकाटे से कृषि मंत्रालय छीन लिया गया और उन्हें युवा व खेल कल्याण विभाग सौंपा गया। इसी के साथ ही दत्तात्रय भरणे को नया कृषि मंत्री नियुक्त किया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कोकाटे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मैं रात से सोच रही हूं कि अगर कोई सज्जन व्यक्ति राजनीति में गलती करता तो अब तक इस्तीफा दे चुका होता, लेकिन कोकाटे ने २६ वर्षों में आठ बार पार्टियां बदली हैं। ये लोग देश सेवा करने नहीं, बल्कि राजनीति से पैसा कमाने आते हैं। वर्ष २०१४ में कोकाटे की संपत्ति छह करोड़ थी, वह वर्ष २०१९ में २१ करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि, अब वर्ष २०२४ में ४८ करोड़ तक जा पहुंची है। ये किसान नहीं, व्यापारी हैं। कोकाटे की पूरी कुंडली सामने है।
जनता को करने दीजिए तय
दमानिया ने कोकाटे के बचाव में दिए जा रहे राजनीतिक बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब दरेकर जैसे नेता कहते हैं कि इस मुद्दे पर राजनीति न हो और जनता संतुष्ट रहे, लेकिन क्या सत्ता पक्ष तय करेगा कि जनता को क्या स्वीकार करना है? जनता गुस्से में है। स्थानीय निकाय चुनाव में इसका जवाब जरूर मिलेगा। यह महज दिखावा है कि मंत्रालय बदला गया। असल में पद नहीं छीना गया। कोकाटे जैसे नेताओं को मंत्री पद देना ही नहीं चाहिए था।
बैलेंसिंग की राजनीति में डूबता महाराष्ट्र!
दमानिया ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दोनों डिप्टी सीएम को संतुलित करना पड़ रहा है। शिंदे को कंट्रोल करने के लिए अजीत पवार को आगे किया गया है। अगर ऊपर से आदेश आया तो क्या करेंगे? इस बैलेंसिंग की राजनीति में महाराष्ट्र की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। योजनाएं कागजों से बाहर नहीं आ रहीं। ‘लाडली बहन योजना’ में ४०० करोड़ रुपए का घोटाला हो चुका है। अब वक्त आ गया है कि जनता ऐसे नेताओं को घर बैठाए।
