मुख्यपृष्ठनए समाचारएक साल पहले मंजूर सभी कार्यों पर ब्रेक!..अजीत पवार ने दिया निर्देश

एक साल पहले मंजूर सभी कार्यों पर ब्रेक!..अजीत पवार ने दिया निर्देश

-ठेकेदारों का दस हजार करोड़ बकाया

सामना संवाददाता / मुंबई

वित्त मंत्री अजीत पवार ने एक साल से अधिक समय से लंबित सड़क निर्माण कार्यों सहित सभी विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए अधिकारियों को कहा है। जिन कामों को एक साल पहले से ही प्रशासनिक मंजूरी मिली हुई है, परंतु अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे कामों रद्द करने का निर्देश वित्त विभाग ने दिया है, इसके अलावा नए कामों को मंजूरी देते समय पूरी तरह से परख कर आवश्यक हो, तभी नए कामों को मंजूरी दी जाए, ऐसा निर्देश वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को जारी किया गया है, ऐसा एक अधिकारी ने बताया।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार की आर्थिक हालत इतनी खस्ता है कि ठेकेदारों हजारों करोड़ रुपए बकाया है, जिसका भुगतान करने में सरकार असमर्थ है। ठेकदारों और इंजीनियरों के संघ पिछले एक साल से सरकार से अपने बकाया की मांग कर रहे हैं। फरवरी में उन्होंने राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व को एक पत्र लिखकर सभी चल रहे बुनियादी ढांचे के कामों को रोकने की चेतावनी दी थी, क्योंकि विभिन्न विभागों से ८९,००० करोड़ रुपए का भुगतान कथित तौर पर जुलाई २०२४ से नहीं किया गया है। राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से काम रोकने के बावजूद, ठेकेदारों को अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। ठेकेदरों का लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर ४६,००० करोड़ रुपए, जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग के तहत जल जीवन मिशन का किए गए काम का १८,००० करोड़ रुपए, ग्रामीण विकास विभाग का ८,६०० करोड़ रुपए, सिंचाई विभाग का १९,७०० करोड़ रुपए, विधायक निधि और सांसद निधि के तहत किए गए कार्यों का १,७०० करोड़ सहित कुल ८९ हजार करोड़ रुपए ठेकेदारों का सरकार पर बकाया है।
पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों के लिए सरकार पर १०,१०० करोड़ रुपए ठेकेदारों का बकाया है। वित्त मंत्री ने नई परियोजनाओं को शुरू करने से बचने और बकाया भुगतान पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है। उन कार्यों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन एक साल से अधिक समय से शुरू नहीं हो सके।

अन्य समाचार