-हर ५ मिनट में टीबी से तीन मौतें!
एम.एम.एस.
सरकार का दावा है कि वह टीबी को खत्म करने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है, जैसे कि जागरूकता अभियान, निदान और इलाज। लेकिन जमीनी हकीकत बेहद डरावनी है।
क्यों बढ़ रहे हैं टीबी के मामले
दवाइयों का अधूरा कोर्स : सबसे अहम वजह है दवाइयों के कोर्स को अधूरा छोड़ना। हिंदुस्थान में टीबी के अधिकतर मरीज अपने दवाइयों के कोर्स पूरा नहीं करते। जिसके कारण टीबी जब दोबारा शरीर को निशाना बनाता है तो वो अधिक घातक हो जाता है।
महंगा इलाज : हिंदुस्थान में आज भी टीबी का इलाज काफी महंगा और मुश्किल है, जिसके कारण गरीब मरीज इसका उचित इलाज नहीं करा पाते। महंगाई से उनकी कमर टूट जाती है।
सरकार भले ही दावा करती रहे की वह जमीनी स्तर पर लोगों की जांच कर उन्हें दवाइयां मुहैया करा रही है, लेकिन हकीकत तो यह है कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की किल्लत है। जो मरीज सरकार के भरोसे अपना इलाज करा रहे हैं और उन्हें समय पर दवाइयां नहीं मिलती और सरकार की तरफ से मिलनेवाली राशि इतनी कम होती है, उसमें इलाज मुमकिन नहीं। दवाइयां मुहैया कराना टीबी के इलाज की पहली शर्त है इसलिए दवाइयों की कमी के साथ टीबी खत्म करने की बात वैâसे कर सकते हैं।
खान-पान और रहन-सहन : भारत जैसे विकासशील देश में लोग कुपोषण, गरीबी, भीड़भाड़ और सामाजिक-आर्थिक वजहों से ऐसे संक्रमण की जद में आते हैं, जो आगे चल कर टीबी में विकसित हो सकता है। विशेषज्ञ इसके पीछे की वजह घनी आबादी का वैसे घरों में रहना बताते हैं, जहां ठीक से हवा तक नहीं आती है। इसके अलावा खाने में पोषक तत्वों की कमी होना भी वजह है।
सरकार की लापरवाही
यह सरकारी रिपोर्ट कह रही है कि टीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई में हिंदुस्थान ग्राउंड लेवल पर डॉक्टर, हेल्थ वर्कर्स और पैरामेडिकल वर्कर्स की कमी का सामना कर रहा है।
२०२३ की एक संसदीय रिपोर्ट में राज्यों में टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इसमें हर स्तर पर कर्मचारियों की कमी है। कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। एक संसदीय रिपोर्ट में सरकारों को दी गई चेतावनी सरकार की पोल खोल देने के लिए काफी है, जिसमें कहा गया था कि सरकार, ‘गैर-सरकारी संगठनों की ओर अपनी जिम्मेदारी धकेल कर लापरवाही भरा रवैया न अपनाए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है और इसका इलाज संभव है। यदि आपको टीबी के कोई लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
जागरूकता जरूरी : टीबी एक संक्रामक रोग है। टीबी एक से दूसरे को पैâलता है। टीबी गंदे खान-पान और दूषित वातावरण की वजह से होता है। भले ही टीबी एक संक्रामक बीमारी है और इसका इलाज संभव है। यदि टीबी के कोई लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
