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महायुती सरकार के राज में 175 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में! न्यू इरा स्कूल के तीन शिक्षक निष्कासित, सोमवार से शिक्षक करेंगे  भूख हड़ताल

अनिल मिश्रा / उल्हासनगर

उल्हासनगर स्थित सेवा सदन शिक्षण संस्था द्वारा संचालित न्यू इरा प्रायमरी स्कूल में अचानक तीन शिक्षकों को काम से हटाए जाने से हड़कंप मच गया है। इनमें मराठी विषय की शिक्षिका कल्पना धनवानी, हिंदी व हस्तकला की शिक्षिका रेशमा पंजवानी और तीसरी कक्षा की क्लास टीचर रेखा शामिल हैं। इस फैसले के चलते स्कूल में पढ़ने वाले 175 विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है।

शनिवार सुबह नाराज अभिभावकों ने विद्यालय के सामने प्रदर्शन किया और निष्कासित शिक्षकों के समर्थन में आवाज उठाई। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को अब मराठी कौन पढ़ाएगा? वहीं, शिक्षकों का आरोप है कि वे पिछले 15 वर्षों से सेवा दे रहे थे, लेकिन प्रबंधन ने मनमानी करते हुए एकाएक विद्यालय में आने से रोक दिया।

शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन की मंशा विद्यालय को बंद कर उस जमीन पर औद्योगिक संकुल तैयार करने की है, जिससे भारी मुनाफा कमाया जा सके। इसी योजना के तहत स्कूल में नए एडमिशन भी रोके जा रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर अब सोमवार से शिक्षक और अभिभावक मिलकर भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं। शिक्षक वर्ग का कहना है कि वे प्रबंधन की यातना के खिलाफ कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। इस लड़ाई में भाजपा के स्थानीय विधायक ने भी हस्तक्षेप किया, लेकिन वे भी प्रबंधक वर्ग के आगे लाचार नजर आए।

इस संबंध में वकील रुद्रमणी पांडेय ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार मराठी भाषा को बढ़ावा देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर मराठी विषय की शिक्षिका को जबरन ड्युटी से हटाया जा रहा है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी।

शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी, जिसमें कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया। बावजूद इसके, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर प्रबंधन ने शिक्षकों को वापस नहीं लिया। शिक्षकों का आरोप है कि चेयरमैन संजय डाबरा, महासचिव अविनाश राजपाल, और स्कूल के प्रिंसिपल मिलकर स्कूल बंद करने की साजिश रच रहे हैं। मामले में जब इन सभी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई भी जवाब नहीं मिला।

 

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