मुख्यपृष्ठस्तंभतड़का : छल किए जाए...सजनी बेईमान!

तड़का : छल किए जाए…सजनी बेईमान!

कविता श्रीवास्तव

भारत में बहुपतित्व की प्रथा नहीं है। आधुनिक युग में हिमाचल और अरुणाचल प्रदेश में एक ही परिवार में भाइयों द्वारा एक ही महिला को पत्नी बनाने की प्रथा रही है। कहते हैं कि परिवार की संपत्ति का बंटवारा रोकने के लिए ऐसा किया जाता रहा है। लेकिन नागपुर में एक ऐसी महिला गिरफ्तार हुई है, जो अब तक आठ लोगों की दुल्हन बनकर उन्हें ठग चुकी है और नौंवें को अपना शिकार बनाने की तैयारी में थी। खबरों के मुताबिक, स्वयं को विधवा व एक बच्चे की मां बताकर सबसे पहले वो इच्छुक पुरुषों की सहानुभूति बटोरती थी। बाद में उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनसे निकाह कर लेती थी। इसके लिए वह विभिन्न मैट्रिमोनियल साइट्स और फेसबुक का इस्तेमाल करती और बाद में झूठे मामले में फंसाने का भय दिखाकर उनसे वसूली करती थी। पुलिस के मुताबिक, उसने अब तक अपने शिकार बने आठ लोगों में से एक के पास से ५० लाख रुपए और एक अन्य के पास से १५ लाख रुपए वसूले हैं। अपने नौंवें शिकार के लिए वह वो वैâफे में बैठी थी, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। इस तरह लोगों की सजनी बनकर उनके साथ छल करने की उसकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले ने विवाह संबंधों में होनेवाली धोखाधड़ी, साजिश और वसूली के तरीके का पर्दाफाश किया है। इससे यह बात उजागर होती है कि हमारे नियम और कानून ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ होनेवाली प्रताड़ना को रोकने के लिए कुछ विशेष अधिकार दिए हैं, लेकिन कुछ महिलाएं अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए भी उसका इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसी हरकतों का शिकार बनने से सभी को सतर्क रहना चाहिए।
रसूखदार से लड़ने का साहस
कर्नाटक के दबदबेदार और रसूखदार राजनीतिक परिवार से जुड़े प्रज्वल रेवन्ना पर रेप और महिला प्रताड़ना के आरोप सिद्ध होने के बाद उसे उम्रवैâद की सजा हुई है। उसके दादा एचडी देवेगौड़ा देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। उसके पिता एचडी रेवन्ना राज्य में मंत्री रहे हैं, वर्तमान में विधायक हैं। वह खुद संसद सदस्य रहा है, लेकिन हवस की उसकी घिनौनी करतूत ने उसके घराने की प्रतिष्ठा पर कालिख पोत दी है। बंगलुरु के स्पेशल सेसन्स कोर्ट ने उसे सलाखों के पीछे धकेल दिया है। कर्नाटक की राजनीति में मजबूत पकड़ रखनेवाले इस परिवार के इस शख्स का चरित्र इतना गंदा होगा, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। खबरों में कहा गया है कि कई अन्य महिलाओं ने भी उसकी शिकायतें की हैं। उस पर रेप करने, अश्लील वीडियो बनाने और धमकी देने के आरोप थे। पीड़ित महिला ने इस रसूखदार के अत्याचार के खिलाफ लड़ने का साहस दिखाया, तब जाकर ऊंट पहाड़ पर नीचे आया है। यह भी सिद्ध हुआ कि हमारी न्यायिक प्रणाली न्याय करती है। बस, लड़ने का साहस होना चाहिए।

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