मुख्यपृष्ठग्लैमरचुंबन का था डर!-आयुष कुमार

चुंबन का था डर!-आयुष कुमार

बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाने दिल्ली से मुंबई आए आयुष कुमार को मुंबई में कोई नहीं जानता था। मुंबई आने के बाद तमाम पापड़ बेलने वाले आयुष कुमार जल्द ही निर्माता-निर्देश सुनील दर्शन की फ्रेंचाइजी फिल्म ‘अंदाज-२’ में नजर आएंगे। पेश है, आयुष कुमार से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
– सबसे पहले तो आप अपने बारे में कुछ बताइए?
मैं गुड़गांव के रहनेवाले एक मध्यमवर्गीय परिवार से हूं। डैड का एक छोटा-सा बिजनेस है, जो पिछले कुछ समय से मंदा चल रहा है। पेरेंट्स ने किसी भी चीज के लिए कभी मना नहीं किया। पढ़ाई के साथ ही मेरा ध्यान डांस, अभिनय और ड्रामा की ओर भी था। यह बात मैंने अपने बड़े भाई से कही। भाई ने कहा कि हायर एजुकेशन से पहले एक बार अपनी किस्मत एक्टिंग में आजमाने में हर्ज नहीं।
-परिवार में एक्टिंग का माहौल न होने के बावजूद आप एक्टिंग में कैसे आए?
परिवार में एक्टिंग से संबंधित दूर-दूर तक कोई नहीं था यह सच है। लेकिन मैं आउट ऑफ द बॉक्स सोचनेवाला हूं। कैट एग्जाम में मुझे ९७ प्रतिशत मार्क्स मिले। अगले पड़ाव पर मुझे मॉडलिंग के ऑफर्स आने लगे, कॉन्फिडेंस बढ़ता गया और यहीं से सोच बढ़ने लगी कि क्यों न मुंबई जाकर किस्मत आजमाई जाए? मैं अपनी पहचान बनाना चाहता था।
– सुना है आपने परीक्षा का पेपर छोड़कर बाहर का रास्ता नापा था?
हां, यह सच है। चंडीगड़ में एमबीए की परीक्षा चल रही थी। सारे जवाब आने के बावजूद दिल में आया कि मुझे तो एक्टर ही बनना है फिर मैं क्यों पेपर दूं? और मैं एग्जामिनेशन हॉल से बाहर निकल आया।
– इंडस्ट्री में क्या आपको असुरक्षा की भावना महसूस नहीं हुई?
दस लाख लोगों में एक किस्मत वाला होता है, जो शोहरत की बुलंदियों पर छा जाता है, बाकी गुमनामी के अंधेरे में खो जाते हैं। इस कड़वे सच को जानने के बावजूद मेरी गट फीलिंग मुझे मुंबई ले आई। सपनों की इस मायानगरी में मैं और मेरा भाई किसी को नहीं जानते थे। हमें बस इतना पता था कि यहां ऑडिशन देकर ही मौका मिलता है।
– फिल्म ‘अंदाज-२’ में आपकी कास्टिंग कैसे हुई?
कास्टिंग डायरेक्टर से पता चला कि सुनील दर्शन ‘अंदाज-२’ के लिए हीरो के दोस्त के किरदार के लिए एक्टर ढूंढ रहे है। मैं उनके दफ्तर पहुंचा। बेसिक बातचीत के बाद उन्होंने मेरे सामने ‘अंदाज-२ के हीरो ‘आरव’ का किरदार मुझे निभाने को कहा। आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि मैंने उस वक्त कैसा महसूस किया होगा।
-आपको नहीं लगता कि लोग आपकी तुलना अक्षय कुमार से करेंगे?
अक्षय कुमार और मुझ में एक ही समानता है और ये कि हम दोनों दिल्लीवाले हैं। अपनी मेहनत, लुक्स, अनुशासन और एक्टिंग के बलबूते उन्होंने अपना मुकाम बनाया है। उनसे मेरी तुलना सूरज को दीये दिखाने जैसा है।
– रोमांटिक सीन के दौरान कितने कॉन्शस हुए थे आप?
एक्टर्स के प्रोफेशन का यह अटूट हिस्सा है। मैं फिल्मी परिवार से हूं नहीं और रोमांस से खुद को दूर ही रखा है इसलिए कॉन्शस होना लाजमी था। बस इस बात का तनाव था कि कहीं सुनील हीरोइन के साथ चुंबन करने को न कह दें, लेकिन थैंक गॉड ऐसा कुछ भी करना नहीं पड़ा।

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