-गरीबी, गुरबत और गंभीर बीमारी से पीड़ित माता की करतूत से सनसनी
सामना संवाददाता / मुंबई
कहते हैं न कि गरीबी, गुरबत और तंगहाली किसी अभिशाप से कम नहीं होती है। यह इंसान को शैतान बनाने के लिए मजबूर कर देती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। गरीबी और तंगहाली से जूझ रही एक मां ने अपने ६ महीने के बेटे को इसलिए मार डाला, क्योंकि वह भूख की वजह से चीख-चीखकर रो रहा था। मां के पास दूध खरीदने के पैसे नहीं थे तो उसने झूले में रो रहे बच्चे के मुंह पर तकिया से दबाकर मार डाला।
इतना ही नहीं, गरीबी और मुफलिसी की जिंदगी से तंग महिला ने अपनी साथी महिला पर चाकू से हमला कर हत्या करने की कोशिश की। आरोपी मां सिर्फ गरीबी ही नहीं, बल्कि मर्दो की बेवफाई से भी तंग आ चुकी है। तीन बार शादी की, लेकिन किसी ने भी उसका साथ नहीं दिया और तीनों ने उसे बीच राह में छोड़ दिया। आरोपी मां की कहानी यही खत्म नहीं होती है।
गरीबी, तंगहाली से जूझ रही महिला
गरीबी, मुफलिसी, तंगहाली के अलावा वह गंभीर बीमारी से भी जूझ रही है। एक ऐसी बीमारी जिसे लाइलाज कहा जाता है। ४३ वर्षीय महिला गोवंडी स्थित शिवाजीनगर में अपने बूढ़े माता-पिता के साथ रहती है। महिला ने तीन बार शादी की थी, लेकिन किसी ने भी उसका जिंदगीभर साथ नहीं दिया।
मां-बाप के साथ रहने के लिए हुई मजबूर
मजबूर होकर महिला मां-बाप के साथ रहती है। किसी का सहारा नहीं होने के कारण वह आर्थिक तंगी से गुजर रही थी। तंगहाली की वजह से वह अपनी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं करवा पा रही थी और अपने ६ महीने के बेटे की परवरिश भी ठीक से नहीं कर पा रही थी। गुरुवार को उसका बच्चा भूख से रो रहा था। महिला अपना स्तनपान नहीं करा सकती थी, क्योंकि उसे गंभीर बीमारी थी। दूध खरीदने के लिए पैसे भी नहीं थे। मासूम बच्चे की चीख और रुलाई उससे देखी नहीं गई और तकिए से बच्चे का मुंह दबा दिया और हमेश-हमेशा के लिए बच्चे की चीख को खत्म कर दिया। शिवाजीनगर पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
