मुख्यपृष्ठनए समाचारमंत्री की जिम्मेदारी मिलते ही विवादों में घिरे कृषि मंत्री भरणे!

मंत्री की जिम्मेदारी मिलते ही विवादों में घिरे कृषि मंत्री भरणे!

– बोले-टेढ़े कामों को नियमों में ढालने वालों की
ही होती है पहचान

– विवादित बयान पर चर्चाओं का बाजार गर्म

सामना संवाददाता / मुंबई

माणिकराव कोकाटे को विवादित बयानों के चलते कृषि मंत्री पद से हटाया गया और उनके स्थान पर अजीत पवार के विश्वासपात्र दत्तात्रय भरणे को यह जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन मंत्री बनने के महज २४ घंटे के भीतर ही भरणे ने ऐसा बयान दे दिया, जिससे साफ हो गया कि कृषि मंत्रालय में विवादित बयानों की परंपरा कायम रहने वाली है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि टेढ़े कामों को नियमों में ढालने वालों की ही पहचान होती है। उनके इस विवादित बयान से एक बार फिर सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्वमंत्री माणिकराव कोकाटे कभी किसानों की तुलना भिखारी से कर चर्चा में आए, तो कभी विधानसभा में ऑनलाइन रमी खेलते हुए कैमरे में कैद हुए। इन्हीं कारणों से उन्हें कृषि मंत्रालय से हटाकर खेल मंत्रालय दे दिया गया। ऐसे में उम्मीद थी कि दत्तात्रय भरणे के आने से मंत्रालय की छवि सुधरेगी, लेकिन मंत्री पद की शपथ लेने के २४ घंटे के अंदर ही उन्होंने एक ऐसा विवादास्पद बयान दे डाला, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
एक कार्यक्रम में भरणे ने कहा कि सीधे काम तो सभी करते हैं, लेकिन जो टेढ़े काम करके उसे नियमों में फिट कर दे, वही लोगों को याद रहता है। इस बयान के बाद उनकी नीयत और सोच पर सवाल उठने लगे। उनके इस बयान पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या अब कृषि विभाग में भी टेढ़े काम होंगे? वहीं कुछ नेताओं ने भरणे को सलाह दी कि वे इस जिम्मेदार पद पर सोच-समझकर बोलें।

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