सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षक दिवस एवं सेवानिवृत शिक्षकों का सम्मान समारोह शुक्रवार को कुशनगरी में परंपरागत ढंग से बेसिक शिक्षकों ने मनाया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से सेवानिवृत हुए ५० शिक्षकों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में कूरेभार से शेषनाथ सिंह, जयसिंहपुर से मुख्तार अहमद, नगर क्षेत्र से कविता कुमारी, मोतिगरपुर से हरिश्चंद्र शर्मा, कमैचा से शिताबी देवी, दोस्तपुर से चांपा देवी, अखंडनगर से इंद्रसेन सिंह, लंभुआ से राकेश सिंह, धनपतगंज से चंद्रभान मिश्र, दुबेपुर से सलीम, कालीन्दी सिंह, नियाज अली अहमद और सरोज देवी, कादीपुर से बैजनाथ यादव, कुड़वार से सतीशचंद्र मिश्र तथा करौदी कला से बब्बनपति विश्वकर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सेवानिवृत साथियों के संघर्ष से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे वरिष्ठ शिक्षकों ने जीवन भर जिन कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर शिक्षा की मशाल जलाए रखी, वह भुलाया नहीं जा सकता। तिवारी ने स्पष्ट किया कि जब-जब शिक्षकों पर संकट आएगा, उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के काले कानूनों के विरुद्ध भी हमें मजबूती से लड़ना होगा और इसके लिए सभी शिक्षकों को जागरूक एवं सतर्क रहना पड़ेगा।समारोह को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों को प्रयोगशाला बना लिया है। प्रतिदिन गैर-शैक्षणिक कार्य थोपे जा रहे हैं, जो सर्वथा अनुचित है। उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक पढ़ाने के लिए नियुक्त होते हैं, इसलिए हमें पढ़ाने का अवसर दिया जाए।जिला अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने शिक्षा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संघ जनपद स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए निरंतर प्रयासरत है और शीघ्र ही जनपद में शिक्षकों की मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं जिला मंत्री राम आशीष मौर्य ने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि जनपद इकाई शिक्षकों की समस्याओं के समाधान हेतु सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र पांडे ने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए सामूहिक लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। तभी शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रह पाएगा।समारोह में विभिन्न जनपदों एवं संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें महेंद्र सिंह जिला उपाध्यक्ष गोंडा, बलवंत सिंह जिला संयुक्त मंत्री, अशोक सिंह आरपी, अमेठी से जिला संयोजक वैश्वणी नंदन शुक्ला, सहसंयोजक प्रशांत सिंह, जूनियर शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष देवेंद्र त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सिंह, महामंत्री कलहू पाल, अध्यक्ष रमेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुरेश यादव, जिला उपाध्यक्ष बजरंगी यादव, रमेश तिवारी, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय, सुरेंद्र कुमार मौर्य, जिला मीडिया प्रभारी डॉ. चंद्रपाल राजभर, जिला प्रवक्ता तिवारी, सुनील यादव, राजेश पांडे, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम मौर्य, जिला संगठन मंत्री मंजू सिंह, गीतांजलि ज्ञान, श्रीपाल यादव, सोहन, संयुक्त मंत्री देशराज, जिला कोषाध्यक्ष डॉ. विनय प्रजापति, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अनुज यादव, पूर्व मंडल मंत्री शमीम अहमद, अटेवा जिला अध्यक्ष अशोक सिंह गौरा, हीरालाल यादव, मुकेश सिंह, अरुण सिंह, वरिष्ठ जिला पदाधिकारी राम अनुज यादव, के.सी. मिश्रा, संजय सिंह, फरजाना, फिरोज अहमद और राजेंद्र सिंह एवं जिला संघर्ष समिति दिनेश शुक्ल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।समारोह का कुशल संचालन मास्टर ट्रेनर सर्वेश सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने शिक्षक समाज की एकजुटता और संघर्षशीलता पर बल दिया तथा यह संकल्प लिया कि शिक्षक अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
