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संगमनगरी की सड़कों पर छात्रों का ‘महा-आक्रोश’, वकीलों ने भी सरकार को घेरा!

-नीट पेपर लीक पर प्रयागराज में संग्राम: यूनिवर्सिटी के छात्र सड़कों पर लेटे, अधिवक्ताओं ने भी खोला मोर्चा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

राजेश सरकार / प्रयागराज

नीट (यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर देश की ‘शिक्षा की राजधानी’ कहे जाने वाले प्रयागराज में छात्र आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध की गूंज अब प्रयागराज के विभिन्न क्षेत्रों में सुनाई दे रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (एयू) के छात्रों, महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सड़कों से लेकर कचहरी परिसर और धरना स्थलों तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन, सड़क पर लेटे छात्र
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक यूनियन हॉल एक बार फिर छात्र आंदोलन का केंद्र बना। विश्वविद्यालय के छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय गेट के बाहर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र सड़क पर लेट गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
जब पुलिस ने छात्रों को सड़क से हटाने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हटाया, लेकिन वे दोबारा प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। छात्रों का कहना था कि जब तक पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पत्थर गिरजाघर पर छात्र संगठनों का प्रदर्शन
शहर के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र, प्रतियोगी छात्र संगठन और भाकपा (माले) ने पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर विरोध सभा आयोजित की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बेरोजगारी से छात्र परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री के पोस्टरों पर कालिख पोतकर विरोध जताया गया। छात्र नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर प्रतिक्रिया देने तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
छात्रों के समर्थन में उतरे अधिवक्ता
प्रयागराज के अधिवक्ताओं ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जनपद न्यायालय, बारा और करछना तहसील के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर मार्च निकाला और छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग
वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नेतृत्व में करछना और बारा बाजार में प्रदर्शन करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के विपरीत है। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने तथा दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
अजय राय ने छात्रों का समर्थन किया
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का जिम्मेदार बताया। उन्होंने छात्रों को कांग्रेस का समर्थन देने की बात कही।
कब जागेगी कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार?
पेपर लीक की घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। कठिन परिश्रम करने वाले लाखों छात्र-छात्राओं में इससे निराशा और असंतोष बढ़ा है। प्रयागराज, जो लंबे समय से छात्र आंदोलनों और लोकतांत्रिक संघर्षों का केंद्र रहा है, एक बार फिर छात्रों और अधिवक्ताओं के संयुक्त प्रदर्शन का साक्षी बना। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को दमन के बजाय संवाद और निष्पक्ष कार्रवाई का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

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