राधेश्याम सिंह / पालघर
पालघर जिले में खतरनाक एवं अति-खतरनाक रसायनों का उत्पादन करने वाले कारखानों में प्रदूषण नियंत्रण, श्रमिकों की सुरक्षा और आपातकालीन उपायों पर मार्गदर्शन हेतु जिलाधिकारी कार्यालय में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने की। बैठक में विधायक राजेंद्र गावित विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही निवासी उपजिलाधिकारी सुभाष भागडे, जिले के उद्योग जगत के प्रतिनिधि, विभिन्न तहसीलदार (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) भी उपस्थित रहे।इस बैठक में जिले के विभिन्न रासायनिक कारखानों के भोगवटाधारी, प्रबंधक, प्रतिनिधि, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहसंचालक, उपसंचालक, सहायक संचालक, श्रम उपायुक्त और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने निर्देश दिए कि रासायनिक कारखानों में संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए श्रमिकों को नियमित प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और मॉक ड्रिल (रंगीन तालिम) आयोजित की जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि हर श्रमिक आपात स्थिति में सक्षम रूप से प्रतिक्रिया देने में समर्थ हो, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गैस रिसाव, आग, विस्फोट और जानलेवा दुर्घटनाओं से बचाव हेतु आवश्यक सुरक्षा उपायों और प्रक्रियाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा ऑडिट, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल को नियमित रूप से और अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए। पालघर के श्रम उपआयुक्त ने कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के कौशल विकास (Core Competency Development) के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिक कुशल और प्रशिक्षित होंगे तो दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और उद्योग क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अधिक सक्षम बनेगा।जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने जिले के सभी रासायनिक कारखानों से आह्वान किया कि वे प्रदूषण नियंत्रण, सुरक्षा उपाय, नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल पर विशेष ध्यान दें तथा श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देते हुए कार्य करें।बैठक में उपस्थित सभी कारखानों के प्रतिनिधियों ने यह आश्वासन दिया कि वे सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी उपायों को गंभीरता से लागू करेंगे।
