शिक्षक

शिक्षक दीपक ज्ञान का,
रस्ता दे पहचान का।
अंधियारे को हर लेता,
दीप बने तूफान का।
शब्दों से संस्कार भरे,
मन में नयी उड़ान भरे।
हर शिष्य को गढ़ता ऐसा,
जो दुनिया में नाम करे।
चलना सिखाए सत्य पथ,
सिखलाए सेवा का रथ।
जीवन को जो अर्थ दे,
वो शिक्षक, सबसे समर्थ।
न चाहे वह यश कभी,
न मांगे कोई सुख-छवि।
बस ज्ञान का दान दे,
सजग रहे हर पल तभी।
माता-पिता हमारी शान हैं,
गुरु भगवान समान है।
जिसने शिक्षक को जाना,
उसने दुनिया को पहचाना ll
-डॉ. कनक लता तिवारी

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