मुख्यपृष्ठधर्म विशेषये है पितृदोष की पहचान

ये है पितृदोष की पहचान

शीतल अवस्थी

जहां पितृपक्ष में श्राद्ध के जरिए पितरों की प्रसन्नता घर-परिवार को खुशहाल बनाने वाली मानी गई है, वहीं पितृदोष कुटुंब में कई तरह की परेशानियों की वजह भी मानी गई है, किंतु कई लोग धर्म-कर्म में तो यकीन रखते हैं, किंतु ज्योतिष शास्त्रों की ग्रह-नक्षत्रों के शुभ-अशुभ प्रभाव से जु़ड़ी बातों को महत्व नहीं देते। दरअसल, ज्योतिष शास्त्रों में अलग-अलग ग्रहों के बुरे योग से बनने वाले पितृदोष को सफलता और सुख में बाधा बताया गया है। अगर कोई कार्य की व्यस्तता के कारण, जन्म का सही वक्त और तारीख नहीं जानते या ज्योतिष पर अविश्वास के कारण कुण्डली में पितृदोष नहीं जान पाए तो यहां बताए जा रही व्यवहारिक जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें, जिनसे यह साफ हो जाता है कि घर-परिवार में पितृदोष है। बताई जा रही बातों को कोई भी व्यक्ति घर में होता देखे तो वक्त रहते जरूरी उपाय कर परिवार को परेशानियों से छुटकारा दिला सकता है-
-धन, सुख-सुविधा, परिवार से समृद्ध होने पर भी शुभ और मंगल कार्य नहीं हो पाते।
-पुत्र या पुत्री शिक्षित और आत्मनिर्भर होने पर भी उनके विवाह में देरी या बाधाएं आती हैं।
-चिंता और रोगों से परेशान और बेचैन रहते हों।
-कड़ी मेहनत करने पर भी बुरे परिणाम मिलना।
-घर-परिवार के कोई भी काम पूरा होने वाला हो, तभी उसमें रुकावट आती है।
-अच्छी कमाई और धन होने पर भी बचत नहीं होती। धन गैर-जरूरी कामों में खर्च हो जाता है।
-पिता और पुत्र के बीच गहरा मनमुटाव और तनाव की स्थिति बन जाती है।

अन्य समाचार

सीप