कविता श्रीवास्तव
फिल्म और ग्लैमर की दुनिया में नाम, शोहरत और पैसा ही सब कुछ है, ऐसी समझ है। लेकिन ऐसे अनेक लोग हैं जो अपनी गरिमा, अपनी मर्यादा और अपने उसूलों को इन सबसे ऊपर रखते हैं। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल ही में कहा है कि उन्हें पिछले ११ वर्षों से रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में बुलाया जा रहा है। उन्हें डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वहां जाकर झगड़ना और फिर किसी के साथ बिस्तर शेयर करना उन्हें मंजूर नहीं है। उनके खान-पान का अपना तरीका है। वे अपने तौर-तरीके व रहन-सहन के मामले में किसी के साथ समझौता नहीं कर सकती हैं। इस बारे में पैसा उनके लिए कोई मायने नहीं रखता है। फिल्म और ग्लैमर की दुनिया में रहते हुए इस तरह की बातें कहना बहुत ही साहस का काम है। तनुश्री दत्ता का यह साहस उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जो ये समझते हैं कि पैसे देकर किसी को भी खरीदा जा सकता है और जो चाहे करवाया जा सकता है। तनुश्री दत्ता की यह बात केवल ग्लैमर और फिल्म की दुनिया में ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में महिलाओं के सम्मान को बढ़ाती है।
बीट हुए यूसुफ
यूसुफ पठान भारत के अच्छे क्रिकेटर रहे हैं। वे तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर कोलकाता से सांसद भी निर्वाचित हुए हैं और अब लोकसभा में बैठते हैं। लेकिन गुजरात में वडोदरा स्थित अपने घर के पास की जमीन के एक मामले में उन्हें झटका लगा है। दरअसल, अपने घर के पास की जमीन पर उन्होंने कब्जा जमा रखा था। वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से उन्होंने जमीन अपने नाम अलॉट करने की मांग की थी। कॉर्पोरेशन उन्हें जमीन देने का प्रस्ताव पारित कर चुका था, लेकिन राज्य सरकार ने मना कर दिया। इस मनाही को लेकर मामला जब अदालत पहुंचा तो अदालत ने अब जमीन से उनका कब्जा हटाने को कहा है। अदालत ने कहा कि कोई सेलिब्रिटी हो तब भी अवैध कब्जा हटाना म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का काम है, जो उसे करना चाहिए। चर्चा यही है कि जब तक यूसुफ पठान केवल क्रिकेटर थे, उन्हें जमीन देने पर विचार हो रहा था। लेकिन तृणमूल कांग्रेस से सांसद बनने के बाद उन्हें जमीन देने की सोच बदल गई। इसकी गहराई हमें नहीं पता। अब वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन उस जमीन का कब्जा लेकर उसकी नीलामी कर सकता है। संभव है यूसुफ उसे नीलामी में ऊंची बोली पर लें। क्रिकेट की भाषा में समझें तो फिलहाल वे ‘बीट’ हो गए हैं।
