सामना संवाददाता / मुंबई
देश के जनता-जनार्दन की मेहनत की कमाई सीधे भाजपा और संघ के खजाने में जा रही है। सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार का पैसा सीधे भाजपा और संघ के खजाने में जा रहा है। इसी तरह टोल से जुटाई गई रकम गडकरी के बेटों की आइडियल एनर्जी प्रोजेक्ट नामक कंपनी में जा रही है। इसके पीछे १०८ कंपनियों का काला जाल पैâला है, जो भ्रष्टाचार और मनी‑लॉन्ड्रिंग की पूरी गुत्थी समेटे हुए है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने कल ऐसा ‘बम’ फोड़ते हुए कहा कि पूर्व का संघ और आज का संघ पूरी तरह अलग है। उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट
अंजलि दमानिया ने मंगलवार को एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें रेलवे फ्लाईओवर पर सड़क का हिस्सा धंसते दिखाया गया है। इस पर उन्होंने नितिन गडकरी, भाजपा और संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार…। मुझे यकीन है कि इस भ्रष्टाचार के पैसे का एक हिस्सा आपकी पार्टी के कोष में जाता है, लेकिन इनमें से कुछ करोड़ रुपए नागपुर और दिल्ली स्थित आरएसएस कार्यालय के निर्माण के लिए भी जाते हैं। यह मेरे लिए लज्जास्पद है।
भ्रष्टाचार के साथ है नेशनल वॉलंटियर ऑर्गनाइजेशन का सामंजस्य!
भाजपा और संघ की तिजोरी में भ्रष्टाचार का पैसा जा रहा है। यह विस्फोटक खुलासा समाजसेवी अंजलि दमानिया ने किया है। दमानिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिसका अर्थ नेशनल वॉलंटियर ऑर्गनाइजेशन है, अब भ्रष्टाचार के नए राजनीतिक नियमों के साथ सामंजस्य बिठाते दिख रहा है। अगर आरएसएस वास्तव में देश के प्रति जिम्मेदार समूह होता तो उसने आपके द्वारा की गई धोखाधड़ी के लिए कार्रवाई की होती। अडानी और अंबानी ने सभी संपत्तियां, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जमीन और जंगल पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिए हैं, लेकिन आरएसएस इसे मान्यता देता दिख रहा है। इसलिए अब इस संगठन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहना उचित नहीं है।
दमानिया ने आरोप लगाया कि मंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने परिवार को आर्थिक लाभ देना एक कानूनी अपराध है, जिसे गडकरी लगातार कर रहे हैं। एथेनॉल और सड़क क्षेत्र में कई कंपनियां गडकरी से जुड़ी हैं। मेरे पास ऐसी १०८ कंपनियों का विवरण है। यदि यह जानकारी सार्वजनिक होती है तो यह पूरे वर्ष भर चर्चा का विषय बनेगी।
