-एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल की मांग…३ नवंबर को राज्यभर के वकील
-अदालती कार्यवाही से रहेंगे दूर
सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार में आम जनता को न्याय दिलाने वाले वकील अब खुद न्याय की गुहार लगा रहे है। राज्य में वकीलों पर हो रहे हमलों के विरोध में और एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल की मांग को लेकर राज्य के उच्च न्यायालय, जिला और तालुका अदालतों के वकील सोमवार (३ नवंबर) को एक दिन के लिए अदालती कार्यवाही से दूर रहेंगे। यानी कोई कामकाज नहीं करेंगे। यह जानकारी बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा के अध्यक्ष एडवोकेट अमोल सावंत ने दी है। इस संबंध में सभी बार अध्यक्षों और सचिवों को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र पर एडवोकेट सावंत, बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा के उपाध्यक्ष अहमद खान पठान और सदस्य एडवोकेट आशीष पी. देशमुख के हस्ताक्षर हैं। पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में वकीलों पर काफी हमले हुए हैं। इतना ही नहीं, कुछ वकीलों की जान भी गई है। इस संबंध में कई बार एसोसिएशनों से विरोध प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इसलिए वकीलों की सुरक्षा के लिए कानून का एक मसौदा तैयार किया गया था। उसका कच्चा मसौदा एडवोकेट जनरल को सौंप दिया गया था। इसके अलावा बार काउंसिल के माध्यम से सार्वजनिक कार्यक्रमों में यह मुद्दा बार-बार उठाया गया था। इस संदर्भ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में कहा था कि यह मुद्दा विचारणीय है।
वकील पर हुआ हमला
बता दें कि हाल ही में अहिल्यानगर के शेवगांव तालुका के एक वकील पर जिरह के दौरान पूछे गए एक प्रश्न पर गुस्से में हमला किया गया था। इस सब बातों ़की पृष्ठभूमि पर बार एसोसिएशन द्वारा वकीलों के आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए ०३ नवंबर २०२५ को एक दिन के लिए अदालती कार्यवाही से दूर रहकर विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस संदर्भ में पारित प्रस्ताव की एक प्रति मुख्य न्यायाधीश और प्रधान जिला न्यायाधीश को भी दी जाएगी।
