कहा, कंपनी बदले नाम, नहीं तो संगठन देशभर में चलाएगा आंदोलन
उमेश गुप्ता / वाराणसी
628वें सद्गुरु कबीर साहेब प्रकटोत्सव के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कबीर पंथ महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कबीर पंथ से जुड़े महंतों, संतों और अनुयायियों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए।
इस संदर्भ में पराड़कर भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य महंत चुड़ामणि साहेब के मुख्य आतिथ्य तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत राधाकिशन सोलंकी साहेब की अध्यक्षता में संपन्न हुई। महासंघ ने भारत में संचालित ‘अल कबीर लिमिटेड’ नामक बीफ कंपनी के नाम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘कबीर’ नाम करोड़ों कबीरपंथियों की आस्था से जुड़ा है और इसे मांस उद्योग से जोड़ना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
महासंघ ने कहा कि यदि कंपनी का नाम नहीं बदला गया तो संगठन देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी सरकार या राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े नाम के व्यावसायिक उपयोग से है।
बैठक में केंद्र सरकार से मांग की गई कि सद्गुरु कबीर साहेब प्रकटोत्सव पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। साथ ही शैक्षणिक पाठ्यपुस्तकों में ‘कबीर दास’ के स्थान पर केवल ‘सद्गुरु कबीर साहेब’ शब्द का प्रयोग किया जाए तथा ‘अल कबीर’ नाम को बीफ कंपनी से हटाकर उसका नाम परिवर्तित किया जाए।
प्रेसवार्ता में महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत राधाकिशन साहेब ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा और देशभर के कबीरपंथी इस अभियान में एकजुट रहेंगे।
