शिवसेना नेता व पूर्व सांसद विनायक राऊत ने शिर्डी में आयोजित निष्ठावान शिवसैनिकों की विशाल सभा में पार्टी छोड़कर गए नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे शिर्डी इसलिए आए हैं, ताकि ‘गद्दारों की राजनीति’ को समाप्त किया जा सके।
कोकणी शैली में भाषण देते हुए विनायक राउत ने कहा कि रंग बदलने वालों को हमेशा के लिए सबक सिखाना होगा। उनके भाषण के दौरान सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी और तालियों से उनका स्वागत किया। राऊत ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति की समाज में कोई पहचान नहीं थी, उसे शिवसेना ने लोकसभा तक पहुंचाया और देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले भी कई बार उनकी गलतियों को माफ किया, लेकिन बाद में उन्होंने विश्वासघात किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर कमीशनखोरी की गई और कथित तौर पर यह राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों और युवाओं को अपेक्षित काम नहीं मिला।
विनायक राऊत ने कहा कि विकास के नाम पर जनता को भ्रमित किया गया और सत्ता के लिए रंग बदलने वाले नेताओं को जनता को उचित जवाब देना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक रूप से सबक सिखाने का संकल्प लिया जाए।
