मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : एक बिल्ली की वजह से मर गया बॉडी बिल्डर

आउट ऑफ पवेलियन : एक बिल्ली की वजह से मर गया बॉडी बिल्डर

अमिताभ श्रीवास्तव

क्या कोई विश्वास करेगा कि किसी बॉडी बिल्डर की मौत एक बिल्ली की वजह से हो जाएगी? जी हां, बॉडी कितनी भी लोहे की बना लो मगर उसमें जो एक दिल होता है वो इतना नाजुक होता है कि लोहे जैसी बॉडी को भी पिघला देता है। यही तो हुआ जब अपनी प्यारी बिल्ली के निधन के बाद बॉडी बिल्डर का दिल टूट गया, इतना कि उसकी मौत हो गई। ३१ वर्षीय रिकार्डो नोलास्को डॉस सैंटोस को अपनी पालतू बिल्ली बाकू के निधन के बाद एक सप्ताह के भावनात्मक संकट का सामना करना पड़ा, उसे अस्पताल ले जाया गया था। सोशल मीडिया पर उसकी मां इवा नोलास्को ने एक पोस्ट में कहा ‘उनकी मृत्यु स्ट्रोक और फेफड़ों के संक्रमण से हुई और यह सबकुछ उनकी प्यारी पालतू बिल्ली के गुजरने से शुरू हुआ था। बॉडी बिल्डर रिकार्डो को काडू सैंटोस के नाम से भी जाना जाता था, जिसने लोकप्रियता हासिल की थी और वो अपने करीब १३,००० फॉलोवर्स को फिटनेस पर सलाह देते रहते थे। रिकार्डो की हाल ही में अपनी निजी ट्रेनर प्रेमिका सबरीना वोलमैन से सगाई हुई थी। और कुछ ही दिनों बाद दुखद रूप से मृत्यु हो गई। अपने बेटे को याद करते हुए इवा ने कहा, ‘उसका रक्तचाप बढ़ गया और उसने अपने साथी और दोस्तों के साथ रात के खाने के लिए बाहर जाने का पैâसला किया ताकि थोड़ा आराम करने की कोशिश की जा सके। उन्होंने सिरदर्द की शिकायत की, दौरे पड़ने लगे और फिर स्ट्रोक का सामना करना पड़ा। यह सब बिल्ली की मौत पर उदासी और निराश रहने के बाद हुआ।
विलन बनने से बच गई जेमिमा
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने वाली टीम इंडिया की नाबाद शतकवीर बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिक्स की चारों तरफ तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं मगर यही जेमिमा विलन बन जाती यदि टीम हारती तो। दरअसल जेमिमा की वजह से कई बार ऑस्ट्रेलियन टीम को जीत का आभास होता रहा था। अपनी धीमी बल्लेबाजी और लगभग पांच जीवनदान की वजह से १२७ रन बनाने वाली जेमिमा ने जब दीप्ति को रन आउट कराया तो भारत की पराजय कंगारू महिलाओं को दिखने लगीं थी। ऋचा घोष की आतिशी बल्लेबाजी ने एकबार फिर हिली एंड कंपनी को जीत से दूर कर दिया। इसके पहले कप्तान हरमन कौर ने जीत की असली नींव रखी, उधर जेमिमा जरूर क्रीज पर थीं किंतु बहुत धीमी खेल रही थीं। उनके धीमेपन का यह परिणाम था कि अपने नाबाद १२७ रनों में उन्होंने १३४ गेंदें खेलींr और इसमें भी पांच बार जीवनदान मिला। दीप्ति बहुत बढ़िया खेल रही थीं और लग रहा था कि वही जितवा कर ले जाएंगी मगर जेमिमा के एक गलत कॉल पर दौड़ पड़ना और रन आउट हो जाने की वजह से भारत संकट में दिखने लगा था। अमनजोत कौर ने विनिंग शॉट मारकर फाइनल में प्रवेश दिलाया इसके पहले जेमिमा के बल्ले से निकले दो चौको ने पूरी कहानी बदल कर भारत के पक्ष में खड़ी कर दी थी जबकि ये चौके करीब ७० गेंदों के बाद आए थे। यदि भारत हारता तो निश्चित था जेमिमा का धीमा खेल दोषी बनता, मगर हरमन, ऋचा, अमनजोत ने जेमिमा की मेहनत को जाया नहीं जाने दिया। और विलन बनने से बच गर्इं जेमिमा।

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