– ५ साल बाद मिला न्याय
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जनवरी २०२१ में हुई जहरीली शराब त्रासदी के मामले में स्थानीय कोर्ट ने पांच साल बाद बड़ा पैâसला सुनाते हुए १४ आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने प्रत्येक को दस साल की सजा और कुल १७.७३ लाख रुपए का जुर्माना देने का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने १५ लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। घटना के समय २८ लोगों की मौत की खबरें आई थीं, लेकिन केस डायरी में २४ मृतकों का उल्लेख किया गया। सरकारी पक्ष के सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण सिंह सिकरवार के अनुसार, ११ दोषियों पर १.३२ लाख रुपए और अन्य तीन पर १.०७ लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
छैरा मनपुर गांव में हुआ था हादसा
यह हादसा छैरा मनपुर गांव में तब हुआ, जब ग्रामीणों ने सस्ती देसी शराब का सेवन किया, जिसमें मेथिल अल्कोहल मिला हुआ था। तीन दिनों के भीतर २४ लोगों की जान चली गई और कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली गई थी। इस दर्दनाक प्रकरण के पांच साल बाद कोर्ट ने पैâसला सुनाया।
अपर सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत रघुवंशी ने मुकेश, राहुल, गिरिराज उर्फ गजराज, प्रदीप राठौर, ब्रजमोहन उर्फ कल्ला, सुरेंद्र, अंतराम, दिनेश, कार्तार, मनजीत और सतीश को १.३२ लाख रुपए के जुर्माने के साथ दस साल की वैâद की सजा दी है, वहीं मनमोहन, खुशी लाल और रामवीर को दस साल की वैâद और १.०७ लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
शराब में मिला था मेथिल अल्कोहल
पैâसले के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। आरोपियों को पुलिस की निगरानी में अम्बाह कोर्ट ले जाया गया। इंदौर और ग्वालियर में जांची गई विसरा रिपोर्ट में शराब में मेथिल अल्कोहल की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसे कोर्ट ने महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया। इस घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी और भारी मात्रा में अवैध शराब नष्ट की गई थी। पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी कई धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया था। त्रासदी के बाद तत्कालीन कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजानिया को भी हटाया गया था।
