मुख्यपृष्ठनए समाचारनहीं रहे अमेठी के दिग्गज राजनेता 'दादा तेजभान'

नहीं रहे अमेठी के दिग्गज राजनेता ‘दादा तेजभान’

-राजकीय सम्मान के साथ आज अंतिम संस्कार संपन्न

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

यूपी में जनसंघ-भाजपा के दिग्गज राजनेता व पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह (८४) का शनिवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली। वे चार बार गौरीगंज (अमेठी) से विधायक चुने गए। अपनी जनपक्षधर राजनीति, बेबाक, ईमानदार,निडर और खुद्दार छवि की वजह से वे जीवनपर्यंत क्ष्रेत्र में खासे लोकप्रिय रहे। उनके निधन से क्षेत्रीय राजनीति में एक युग की समाप्ति हो गई। आज उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान संगठनों से लेकर अन्य सैकड़ों नेताओं के अलावा जनता ने पहुंचकर उनके अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
मूलतः अमेठी के जामो ब्लॉक अंतर्गत अचलपुर गांव निवासी रहे दिवंगत सिंह ने संघ के स्वयंसेवक व प्रचारक के रूप में सामाजिक जीवन शुरू किया था। उन्होने जनता पार्टी(जनसंघ घटक) से पहली बार सन १९७७ में गौरीगंज विस सीट से विधायकी जीती थी। अमेठी-सुल्तानपुर में सम्मान स्वरूप ‘दादा’ कहे जाने वाले इस दिग्गज राजनीतिज्ञ ने जनसरोकार व अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं किया। हालांकि, उनके राजनीतिक अंदाज व शैली की कई इलाकाई नेताओं ने नकल करने की कोशिश जरूर की। तमाम नए नवेले नेता सियासी कामयाबी के लिये उनका आशीर्वाद भी लेते रहे। प्रशासन और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के आगे कभी घुटने टेकना तो दूर हमेशा सीने पर चढ़कर मोर्चा लेने की शैली की वजह से जीवनपर्यंत लोकप्रियता के शिखर पर रहे। पीड़ित की पैरवी के लिये थानेदार से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचकर भिड़ जाने का माद्दा रखते थे वे। उनकी शोहरत की बुलंदी को कोई छू तक न सका। नई भाजपा हो या पुरानी। संगठन का शीर्ष नेतृत्व उनकी क्षमताओं से अच्छी तरह वाकिफ था। स्मृति आईं अमेठी तो सर्वप्रथम दादा का आशीर्वाद लेने उनके आवास पहुंचीं। पद पर हों या न हों, तेजभान सिंह के तेवर कभी ढीले नहीं पड़े। चार बार विधायक रहने के बावजूद वे आम इंसान की तरह रहते थे।
पैसा कमाया न आलीशान महल बनाया। बस ईमानदारी और खुद्दारी की। जनपक्षधरता की सियासत में नाम कमाया
यही वजह है, आज जब वे नहीं हैं ..उनके किस्से सुल्तानपुर-अमेठी से लेकर लखनऊ तक नुक्कड़ चौराहों व सियासी गलियारों में याद किये जा रहे हैं। रविवार को पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित पार्टी व प्रदेश सरकार के दिग्गजों के शामिल होने की संभावना है।

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