मनपा की तैयारियों पर उठे सवाल!
नीचे गड्ढे ऊपर ब्रिज!
जेदवी
मुंबईकरों के नाम पर नए-नए सपने बेचने का खेल फिर से शुरू हो गया है। मनपा अंधेरी-ओशिवरा से गोरेगांव को जोड़ने के लिए ४१८ करोड़ रुपए का केबल-स्टे ब्रिज शुरू करने जा रही है। ४१८ करोड़ की इस परियोजना को मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में लगातार बढ़ती भीड़ को कम करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसकी मंजूरी और देरी के पीछे कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
प्रोजेक्ट का बैकग्राउंड
५४२ मीटर लंबे इस पुल का प्रस्ताव २०२२ में दिया गया था, परंतु इसके निर्माण में सबसे बड़ी रुकावट सामने आई पर्यावरणीय मंजूरी। चूंकि पुल का एलाइनमेंट सीधे मैंग्रोव्ज क्षेत्र से होकर गुजरता है इसलिए परियोजना को स्थगित रखा गया। जांच के बाद मई में महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट ऑथॉरिटी ने इसे हरी झंडी दे दी और बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी संरक्षित क्षेत्र में निर्माण की अनुमति दे दी।
नया कॉरिडोर
यह पुल भगत सिंह नगर पी/दक्षिण वॉर्ड से ओशिवरा के/उत्तर वार्ड तक एक महत्वपूर्ण कनेक्शन देगा। यह एस.वी. रोड और लिंक रोड के समानांतर एक वैकल्पिक उत्तर-दक्षिण लिंक बनेगा और सीधे लिंक रोड को आगामी मुंबई कोस्टल रोड (नॉर्थ) से जोड़ेगा। अधिकारियों का दावा है कि निर्माण के बाद मुंबई की स्काईलाइन में यह संरचना एक नया आकर्षण बनेगी।
अधूरे प्रोजेक्ट!
पश्चिम उपनगरों में ट्रैफिक की समस्या किसी से छिपी नहीं, लेकिन सवाल उठता है कि क्या `४१८ करोड़ के बजट की वाकई जरूरत हैं? मुंबईकर पूछ रहे हैं कि पहले से कितने प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं, ऐसे में जनता के मन में यह सवाल उठना जरुरी है कि क्या ये प्रोजेक्ट पूरा होगा या दूसरे प्रोजेक्ट की तरह लटका रहेगा।
जमीनी हकीकत
हां, ब्रिज से कनेक्टिविटी सुधरेगी। गोरेगांव से ओशिवरा की दूरी कम होगी, लेकिन स्थानीय लोग कह रहे हैं कि पहले सड़कें तो सुधारो, फिर आसमान में पुल बनाना!’ यह प्रोजेक्ट किसकी प्राथमिकता है। मुंबईकरों की या फिर ठेकेदारों की? लिंक रोड और एस.वी. रोड वैसे ही खस्ताहाल। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ‘नीचे गड्ढे, ऊपर केबल ब्रिज यह मुंबई मॉडल है क्या?’ केबल-स्टे ब्रिज का निर्माण कार्य नवंबर में शुरू होने की बात कही गई थी। इस संदर्भ में हमने मनपा इंजीनियर उत्तम एस से जानकारी मांगी तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
