-राज्य सरकार पर उठे सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की ५,१५० इलेक्ट्रिक बसें अपने बेड़े में शामिल करने की परियोजना बंद होने के कगार पर आ गई है। अब तक बेड़े में केवल ५५९ इलेक्ट्रिक बसें ही शामिल हुई हैं। यही हाल रहा तो जनवरी २०२६ तक बेड़े में ५,१५० इलेक्ट्रिक बसें शामिल करना असंभव है।
बता दें कि एसटी महामंडल और ईवी ट्रांस कंपनी के बीच दो वर्षों में ५,१५० बसों की आपूर्ति के लिए एक अनुबंध हुआ था। इस समझौते के अनुसार, एसटी को प्रतिमाह २१५ बसें उपलब्ध कराई जानी थीं। ईवी ट्रांस को जनवरी २०२५ तक १,९३५ बसें उपलब्ध करानी थीं। शेष बसें जनवरी २०२६ तक उपलब्ध करानी थीं। एसटी निगम के तत्कालीन अध्यक्ष संजय सेठी ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन अब तक निगम के बेड़े में केवल ५५९ ई-बसें ही शामिल हो पाई हैं।
महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बर्गे ने राज्य सरकार से पूछा है कि समय पर बसें उपलब्ध न कराने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राज्य सरकार इस कंपनी पर मेहरबान क्यों है? किराए पर बसें उपलब्ध कराने वाली कंपनी की ओर से अब तक केवल ५५९ ई-बसें ही एसटी कॉर्पोरेशन के बेड़े में शामिल की गई हैं। एसटी बेड़े में हर महीने २१५ ई-बसें शामिल होनी थीं, लेकिन केवल २२६ ९- मीटर और ३३३ १२-मीटर वाहन ही एसटी बेड़े में शामिल किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, कंपनी के साथ हुए समझौते को राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। उस समय सरकार ने राज्य विद्युत वितरण कंपनी को संभावित घाटे की भरपाई के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएपीएफ) देने की मांग नहीं की थी।
आपूर्तिकर्ता कंपनी से राज्य के बेड़े में केवल ५५९ इलेक्ट्रिक बसें ही पहुंची हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार की ईवी बसों की यह महत्वाकांक्षी और पर्यावरण-हितैषी परियोजना लगभग ठप हो गई है।
