-अवैध तरीके से जंगलों को नष्ट कराने का लगा आरोप…अधिकारी कार्रवाई करने में नाकाम
द्रुप्ति झा / मुंबई
इन दिनों बीएमसी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। मलाड-पूर्व इलाके में कुछ बढ़ते अवैध निर्माण, पर्यावरण को हो रहे नुकसान और बीएमसी की निष्क्रियता को लेकर अब स्थानीय लोग भी चिंतित नजर आ रहे हैं। समाजसेवी और नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मालाड-मार्वे का पर्यावरण अवैध निर्माणों की वजह से पूरी तरह बिगड़ जाएगा। मालाड-पूर्व में रहने वाले समाजसेवी बृजलाल तिवारी ने बीएमसी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने के बजाय बीएमसी अधिकारी उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। उनका आरोप है कि अवैध निर्माणकर्ता जंगलों को नष्ट कर रहे हैं, पेड़ काट रहे हैं और खुलेआम अतिक्रमण कर रहे हैं। इसके बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों द्वारा कई बार अवैध निर्माणों के खिलाफ आवाज उठाई गई है, लेकिन मनपा अधिकारी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
नोटिस जारी होने के बावजूद कार्य निर्माण जारी
जानकारी के अनुसार, सर्वे नं. ५२, पार्ट सीटीएस नं. १५, मार्वे टी जंक्शन-मालाड-पश्चिम में पेड़ों की कटाई कर अवैध निर्माण खड़ा किया गया है। शिकायतों के बाद बीएमसी ने दो महीने पहले स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया था, लेकिन नोटिस के बावजूद अवैध निर्माणकर्ताओं ने न केवल काम जारी रखा, बल्कि पूरा स्ट्रक्चर तैयार भी कर लिया। आम लोगों ने मनपा के ऊपर सवाल खड़ा किया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि बीएमसी के नोटिस को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा?
