-२०१३ के टोल नाका तोड़फोड़ मामले में अदालत का बड़ा आदेश
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वर्ष २०१३ के टोल नाका तोड़फोड़ मामले में गोवा की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत के इस आदेश के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की सुनवाई शनिवार को निर्धारित थी, लेकिन नितेश राणे अदालत में पेश नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति को देखते हुए अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। यह मामला वर्ष २०१३ में कथित टोल नाका तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई गोवा की अदालत में चल रही है। अब अदालत के आदेश के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल, नितेश राणे या उनके वकील की ओर से इस गैर-जमानती वारंट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।
