मुख्यपृष्ठनए समाचारबाल यौन शोषण जैसी गंदगी रहा है परोस... इंस्टाग्राम फैला रहा है...

बाल यौन शोषण जैसी गंदगी रहा है परोस… इंस्टाग्राम फैला रहा है ‘अश्लीलता’!

-आपत्तिजनक विज्ञापनों से मचा हड़कंप

-सरकार ने मेटा को भेजा सख्त नोटिस

सामना संवाददाता / मुंबई

लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम विज्ञापन के नाम पर अश्लीलता परोस रहा है। इसमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री परोसी जा रही है। इसके बाद भारत सरकार ने इंस्टा की पैरेंट कंपनी मेटा के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेट को बढ़ावा देने वाले पेड विज्ञापनों को लेकर मेटा को एक कड़ा नोटिस भेजा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह नोटिस शनिवार शाम को जारी किया। मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को तुरंत ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है जो इस तरह की अवैध और आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा देते हैं या उन तक पहुंचने का रास्ता आसान बनाते हैं। यह बड़ी कार्रवाई आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को इंस्टाग्राम विज्ञापनों के जरिए चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटेरियल को प्रमोट किए जाने के गंभीर आरोपों पर मेटा को तलब करने के लिए कहा था। सरकार ने मेटा से इस पूरे मामले पर सफाई मांगी है और इसके साथ ही ७ दिनों के भीतर एक रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया है कि इस पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट के बाद खुला राज
मेटा के खिलाफ यह कड़ा कदम हाल ही में आई बीबीसी की एक खोजी रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि मेटा का ‘रिकमेंडेशन एल्गोरिदम’ बाल यौन शोषण से जुड़े वीडियो को बढ़ावा दे रहा था, जिसने सुरक्षा के दावों की पोल खोल कर रख दी है। जांच में सामने आया कि मेटा की अपनी विज्ञापन पॉलिसी में नग्नता और अश्लील सामग्री पर पूरी तरह रोक होने के बावजूद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस तरह के विज्ञापन धड़ल्ले से दिखाई दे रहे थे।
एक हफ्ते में दूसरी बार निशाने पर आई ‘मेटा’
मेटा इस हफ्ते दूसरी बार सरकार के रडार पर आई है। इससे पहले बीते बुधवार को भी केंद्र सरकार ने व्हॉट्सऐप के एक नए फीचर को लेकर मेटा को नोटिस थमाया था।

अन्य समाचार