सामना संवाददाता / मुंबई
अयोध्या के प्रभु श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के विरोध और हिंदू जागरण के उद्देश्य से कल मुंबई में बेतहाशा बारिश के बीच गद्दारों के खिलाफ आंदोलन की चिंगारी भड़क उठी। दादर में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने हजारों हिंदुओं की मौजूदगी में गर्जना करते हुए कहा कि राम मंदिर में चोरी करने वालों को तड़ीपार किए बिना शांत नहीं बैठेंगे। हम हिंदू भोले व सरल जरूर हैं पर मूर्ख नहीं हैं। हिंदुओं को लूटने वालों को अब हिंदू माफ नहीं करेगा। जब तक इस चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक शिवसेना शांत नहीं बैठेगी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी जोरदार हमला करते हुए कहा कि हिंदुओं को लूटने वाली भाजपा सरकार ने अब अफजल खान की तरह शिवसेना को खत्म करने का बीड़ा उठाया है, लेकिन अब फिर बिखरे हुए हिंदू शिवसेना के साथ खड़े हैं।
‘गांव, गली और चौराहों पर राम रक्षा की गूंज होने दो!’
मुंबई से निकली यह चिंगारी पूरे महाराष्ट्र के गांव-गांव, बस्ती-बस्ती तक पहुंचनी चाहिए। जहां-जहां राम मंदिर और हनुमान मंदिर हैं, वहां रामरक्षा और हनुमान चालीसा का पाठ गूंजना चाहिए। यदि मंदिर नहीं है तो किसी चौराहे पर भगवान श्रीराम और हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित कर वहां रामरक्षा का पाठ कीजिए। क्योंकि जब महाराष्ट्र आगे बढ़ता है तो पूरा देश उसके पीछे चलता है। आज महाराष्ट्र देश को बचाने और हिंदुत्व तथा भगवान राम की रक्षा के लिए आगे बढ़ रहा है। आइए, हम सब मिलकर चोरों को तड़ीपार करें।
कल मूसलाधार बारिश के बीच दादर में राम रक्षा आंदोलन की शुरुआत हुई। इस दौरान शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने उपस्थित हिंदुओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं देश के सभी हिंदुओं से आग्रह करता हूं। जागते रहो, जागते रहो, जागते रहो। शिवसेनाप्रमुख ने हिंदुओं को जगाया था। आज हिंदुओं को सम्मोहित किया जा रहा है। इस सम्मोहन से बाहर आइए। आपका गलत फायदा उठाया जा रहा है। भोलेपन को छोड़ दीजिए। कट्टर, अडिग रामभक्त और शिवभक्त बनिए। जय शिवराय, जय सियाराम का नारा लगाने वाले जो लोग राम मंदिर का खजाना लूट रहे हैं, उनसे जवाब मांगिए। उन्हें साफ-साफ कहिए कि चोरों को भगवान का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है। बिल्कुल भी नहीं।
इस अवसर पर उद्धव ठाकरे के साथ उपस्थित जनसमूह के उद्घोष ‘जय श्रीराम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने इसी एक आह्वान से देशभर के हिंदुओं को जगाया था और बिखरे हुए हिंदुओं को एकजुट किया था। उन्होंने कहा कि हम कट्टर और प्रखर राष्ट्रभक्त हिंदू हैं। हम हिंदू भोले और सरल हो सकते हैं, लेकिन मूर्ख नहीं हैं। यदि कोई हिंदुत्व का गलत फायदा उठाकर राम मंदिर को लूटता है, तो हिंदू उसे कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने देशभर के हिंदुओं और रामभक्तों से अपील करते हुए कहा कि अब जागे हैं तो इस ऊर्जा को खत्म मत होने दो, सोओ मत… जागते रहो।
‘ये मशाल तुम्हारे अन्याय की लंका जलाकर राख कर देगी’
बारिश में भीगकर भी रामरक्षा, मारुति स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करने वाला हिंदू कोई पागल नहीं है। यह बारिश में भड़की हुई चिंगारी है। अगर शासकों को अभी तक यह समझ नहीं आया कि रामभक्त वैâसे होते हैं तो उन्हें याद रखना चाहिए कि प्रभु श्रीराम के साथ जो वानर सेना थी, उसने रावण की लंका को जलाकर राख कर दिया था। तुमने शिवसेना पार्टी चुरा ली। तुमने हमसे प्रभु श्रीराम का धनुष-बाण भी छीन लिया। लेकिन आज शिवसैनिकों के हाथ में वही मशाल है, जिससे हनुमानजी ने लंका जलाई थी। यही मशाल तुम्हारे अन्याय की लंका को भी जलाकर राख कर देगी।
रामभक्तों का मार्गदर्शन
शिवसेना के ‘राम रक्षा’ आंदोलन में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसैनिकों और प्रभु रामभक्तों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि मंदिरों की दानपेटी लूटने वाले जहां भी दिखें, वहां जाकर उनसे हिसाब मांगो। इस पर सभा में ‘प्रभु रामचंद्र की जय’ का नारा गूंज उठा। इस आंदोलन में शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता और सांसद संजय राऊत, सुभाष देसाई, दिवाकर रावते, सांसद अरविंद सावंत, चंद्रकांत खैरे, सांसद अनिल देसाई, पूर्व सांसद विनायक राऊत, विधायक अनिल परब, अजय चौधरी, महेश सावंत, शिवसेना सचिव साईनाथ दुर्गे, पूर्व आमदार प्रकाश फातर्पेकर , उपनेता रविंद्र मिरलेकर, मनपा में विरोधी पक्षनेता किशोरी पेडणेकर, नगरसेविका विशाखा राऊत, श्रद्धा जाधव, नगरसेवक मिलिंद वैद्य, निशिकांत शिंदे समेत बड़ी संख्या में शिवसेना पदाधिकारी और शिवसैनिक-रामभक्त उपस्थित थे। ‘रामरक्षा’ आंदोलन के दौरान उद्धव ठाकरे ने मारुति की मनोभाव से आरती भी की। इस समय आदित्य ठाकरे सहित उक्त पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
