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वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप संपन्न, पुरुष वर्ग में रेलवे तो महिला वर्ग में केरल बनी चैंपियन

उमेश गुप्ता / वाराणसी

सिगरा स्टेडियम के इंडोर कोर्ट पर रविवार को आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महिला फाइनल ऐतिहासिक बन गया। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इस मुकाबले में पुरुष वर्ग में जहां रेलवे के स्मैशर्स ने केरला की चुनौती को एकतरफा अंदाज में ध्वस्त कर खिताब पर कब्जा जमाया, वहीं महिला वर्ग के रोमांचक फाइनल में केरला ने रेलवे को हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। इस प्रकार महिला वर्ग में रेलवे व पुरुष वर्ग में केरल को उपविजेता का तमगा पाकर संतोष करना पड़ा । जब कि हार्ड लाइन मैच में पंजाब और राजस्थान की टीमों का रहा दबदबा रहा ।

रेलवे की पुरुष टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फाइनल मुकाबले में केरला को सीधे सेटों में 3-0 (25-19, 25-17, 25-19) से पराजित कर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे मैच के दौरान रेलवे के खिलाड़ियों ने तालमेल और आक्रामक खेल का ऐसा नमूना पेश किया कि केरला की टीम एक बार भी मैच में वापसी नहीं कर सकी।

रेलवे की कप्तान अंगामुथु ने टीम की कमान संभालते हुए शुरुआती सेट से ही केरला पर मानसिक दबाव बनाया। उनके पावरफुल स्मैश मैच का टर्निंग पॉइंट रहे। ​रोहित कुमार शानदार खेल कौशल दिखाते हुए अंक जुटाए और टीम के आक्रमण को धार दी। ​जॉर्ज एंटनी नेट पर अपनी लंबाई और टाइमिंग का फायदा उठाते हुए केरला के हमलों को नाकाम किया।

​एमिल टी. जोसेफ कोर्ट के बीच से आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदा। ​समीर सीएच मैच के अंतिम क्षणों में निर्णायक अंक बटोरकर टीम की जीत सुनिश्चित की।​आनंद के. ने लिबरो के रूप में कोर्ट पर बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और कई ‘इम्पॉसिबल’ गेंदों को उठाकर खेल में जान फूंकी। ​उप-विजेता रही केरला की टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन लय नहीं पकड़ सकी।

दूसरी ओर 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का महिला फाइनल ऐतिहासिक बन गया। रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे इस मुकाबले में केरल की बेटियों ने अपने प्रतिद्वंद्वी भारतीय रेलवे को 3-2 से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करने वाली केरल की टीम ने निर्णायक सेट में रेलवे को कोई मौका नहीं दिया।
​मुकाबले की शुरुआत रेलवे के पक्ष में रही, जहां उन्होंने पहला सेट 25-22 से जीतकर अपनी मंशा साफ कर दी। इसके बाद केरल ने जोरदार पलटवार किया और लगातार दो सेट 25-20 और 25-15 से जीतकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चौथे सेट में रेलवे ने फिर वापसी की और 25-22 से जीतकर मैच को निर्णायक पांचवें सेट में धकेल दिया। हालांकि, अंतिम सेट में केरल के दमदार स्मैश और डिफेंस के आगे रेलवे बेबस दिखी और केरल ने 15-8 से सेट जीतकर चैंपियनशिप की ट्रॉफी उठा ली।
केरल की इस खिताबी सफलता के पीछे टीम की एकजुटता और रणनीतिक कौशल का बड़ा हाथ रहा।

नगर निगम की ओर से अयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और पदक प्रदान किए।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक के साथ ही स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेन्द्र राय, वरिष्ठ पत्रकार हेंमत शर्मा, गुजरात के पूर्व विधायक जगदीश पटेल, बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह, पूर्व महापौर कोशलेंद्र सिंह, के साथ ही नगर निगम के अधिकारियों और खेल जगत की हस्तियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह में आया अतिथियों का स्वागत महापौर अशोक कुमार तिवारी ने किया।

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