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किसका ‘सीडीआर’ सही है…फडणवीस या दमानिया का?.. खरात मामले में सुषमा अंधारे का सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की सियासत में चर्चित अशोक खरात प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सीडीआर पर ही सवाल उठने लगा है कि सीएम फडणवीस के गृह विभाग ने जो सीडीआर दिया है, वह सही है या जो अंजलि दमानिया ने दिया है, वह सही है। आखिर सही सीडीआर कौन सा है? शिवसेना प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने सीधे तौर पर सरकार और सामाजिक कार्यकर्ता दोनों पर निशाना साधते हुए यह सवाल पूछा है कि आखिर सच कौन बोल रहा है?
सुषमा अंधारे ने अपने बयान में कहा कि सूची के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा पेश किए गए सीडीआर फर्जी हैं तो अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और वहीं अगर दमानिया का दावा सही है तो फिर आरोपों के घेरे में आई चाकणकर बहनों को विशेष सुविधा (वीआईपी ट्रीटमेंट) क्यों दी जा रही है? चाकणकर और खरात के बीच २३६ कॉल और ३३ मैसेज का आदान-प्रदान हुआ। इसके अलावा समता पतसंस्था में कथित रूप से १५२ खाते होने का भी दावा किया गया है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर अंधारे ने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों? अंधारे ने आगे मुख्यमंत्री के साथ-साथ अन्य नेताओं को भी घेरते हुए पूछा कि इस मामले में और लोगों से पूछताछ कब होगी? प्रतिभा चाकणकर ने पूछताछ में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने कभी समता पतसंस्था में खाता नहीं खोला। उनके नाम पर दिखाए जा रहे खाते फर्जी हैं। किसी भी आर्थिक लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है। हालांकि, जांच में उनके परिवार से जुड़े खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस जांच पर संदेह
इस मामले में मुख्य भूमिका को लेकर पद गंवाने वाली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के उस बयान से पुलिस की जांच पर संदेह होने लगा है, जिसमें उन्होंने साफ इनकार किया है कि ढोंगी बाबा खरात से उनकी कोई बात नहीं हुई है और उन्हें फंसाया जा रहा है। जबकि समाज सेविका अंजलि दमानिया ने जो सीडीआर दिया है उसमें २३६ बार दोनों के बीच बात हुई है और ३३ मैसेज भेजे गए हैं।

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