मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर के करंडा कटरिया मामले में कहा कि बयान बदलवाने से सच नहीं बदलता है। उत्तर प्रदेश ने इतना कमजोर मुख्यमंत्री कभी नहीं देखा, जो घोर अत्याचार के शिकार गरीब-बेबस पीड़ितों पर दबाव डालकर बयान बदलवाते हैं। अखिलेश ने रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि सवाल ये हैं कि एफआइआर लिखवाने में इतनी देर क्यों हुई, बयान क्यों बदलवाया गया। पीड़ित परिवार को और उत्पीड़ित क्यों किया जा रहा है। पुलिस तक पर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से किसने रोका था। पोस्टमार्टम पर सवालिया निशान क्यों लगा।
सबको सच मालूम है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कुछ भी कहे, गांव के हर घर को जमीनी सच्चाई मालूम है। गांव के हर समाज में भाजपा का झूठ पहुंच गया है। इससे पीडीए समाज में गुस्सा और आक्रोश है। गाजीपुर की बेटी हत्याकांड, हाथरस की बेटी हत्याकांड का दोहराव है। दोनों पीड़ितों के परिवार ‘पीडीए परिवार’ थे। सामाजिक न्याय का राज लाने का पीडीए का मिशन दरअसल आजादी के बाद की एक और असली आजादी का आंदोलन है। हम इसके लिए ही संघर्षरत हैं।”
