– तुर्किए से संभाल रहा है ड्रग्स का धंधा
– यूएई का है पासपोर्ट, डिपोर्ट की तैयारी
फिरोज खान / मुंबई
हिंदुस्थान में चल रहे सबसे बड़े सिंथेटिक ड्रग बनाने और सप्लाई करने वाले कार्टेल में से एक मास्टरमाइंड सलीम डोला को तुर्की के शहर इस्तांबुल में हिरासत में लिया गया है। डोला, दाऊद इब्राहिम का खासमखास है और वह ‘डी’ कंपनी के पूरे नशे के धंधे को संभालता था।
मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, बंगलुरु आदि जगहों पर डोला ने ड्रग्स का धंधा पैâला रखा है। नशे की दुनिया में डोला को ‘ड्रग्स लॉर्ड’ भी कहा जाता है। डोला को इंटरपोल के जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर तुर्की के नेशनल इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन और लोकल पुलिस यूनिट्स के जॉइंट ऑपरेशन में हिरासत में लिया गया। रेड कॉर्नर नोटिस सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की रिक्वेस्ट के बाद जारी किया गया था, क्योंकि ड्रग्स लॉर्ड मुंबई पुलिस को चाहिए था।
२०१८ में यूएई भाग गया था सलीम डोला!
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास सहयोगी सलीम डोला को इंटरपोल ने गिरफ्तार कर लिया है। डोला डी कंपनी का ड्रग्स का धंधा संभालता है। एक क्राइम ब्रांच ऑफिसर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि भारत की तुर्की के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है और डोला के पास यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का पासपोर्ट है, इसलिए पुलिस उसे यूएई के जरिए प्रत्यर्पण कराने की कोशिश करेगी। पुलिस के मुताबिक, साल २०१८ में ड्रग्स केस में डोला को जमानत मिलने के बाद, वह यूएई भाग गया और वहीं से कार्टेल चलाने लगा।
समय के साथ उसने यूएई में एक अलग नाम से पासपोर्ट बनवाया और तुर्की चला गया। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, डोला भायखला में पला-बढ़ा और दाऊद इब्राहिम गैंग के सदस्यों के जरिए ड्रग्स के धंधे में जुड़ा। देश छोड़ने से पहले उसे तीन बार गिरफ्तार किया गया था। नारकोटिक्स सेल ने ८० किलो मारिजुआना रखने के आरोप में, मुंबई पुलिस ने १०० किलो फेंटानिल रखने के आरोप में और डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने गुजरात के पिपावाव पोर्ट से ५.५ करोड़ रुपए के गुटखा स्मगलिंग में पकड़ा गया था।
डोला के खिलाफ क्राइम ब्रांच का केस फरवरी २०२४ में कुर्ला में ड्रग पेडलर परवीन बानो गुलाम शेख की गिरफ्तारी से शुरू हुआ, जिसके पास से ६४१ ग्राम मेफेड्रेन या एमडी मिला था। बानो से पूछताछ में पता चला कि वह मीरा रोड के रहने वाले २५ साल के साजिद मोहम्मद आसिफ शेख से ड्रग्स लेती थी। शेख ने जांच करने वालों को बताया कि उसे सलीम डोला और उसके बेटे ताहिर और भतीजे मुस्तफा कुब्बावाला ने पार्टी ड्रग बांटने का काम सौंपा था। जांच करने वालों ने सांगली जिले में उस पैâक्ट्री का पता लगाया, जहां ड्रग बनाई जाती थी और मार्च २०२४ में उस जगह पर छापा मारा, जिससे १२२ किलो हाई-क्वालिटी एमडी, वैâश और २५३ करोड़ का सोना बरामद हुआ था।
