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डोनाल्ड ट्रंप पर हमला… तेहरान का बदला!..सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा ‘ईरानी स्लीपर सेल’

एजेंसी / वॉशिंगटन

गत शनिवार की रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुआ जानलेवा हमला इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। बहुत से लोगों का मानना है कि हमलावर भले ही अपने मकसद में सफल नहीं हुआ पर वह ईरान के स्लीपर सेल का सदस्य हो सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने दुनिया के कई देशों में स्थित अपने स्लीपर सेल को एक्टिवेट कर दिया था और इस तरह की खबरें भी तभी आई थीं। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर यह मामला ट्रेंड भी करने लगा।
बता दें कि वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में ‘व्हाइट हाउस करस्पोंडेंट्स डिनर’ के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर यह जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले ने केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि वैश्विक राजनीति के एक खतरनाक मोड़ की ओर भी इशारा कर दिया।
कहीं लोन वुल्फ अटैक तो नहीं?
ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले के बाद सोशल मीडिया और मुख्यधारा मीडिया में फिलहाल तीन मुख्य थ्योरी पर बहस छिड़ी हुई है। ये हैं ईरानी स्लीपर सेल, लोन वुल्फ अटैक और प्रायोजित हमला। शनिवार की रात करीब ८:४५ बजे, जब डिनर का कार्यक्रम अपने चरम पर था, ३१ वर्षीय कोल थॉमस एलन ने होटल की लॉबी में अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। हमले में एक साक्रेट सर्विस एजेंट घायल हुआ, लेकिन ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को सुरक्षित निकाल लिया गया। ट्रंप ने खुद बाद में इस घटना को ‘सुरक्षा की बड़ी चूक’ बताया। एफबीआई और स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, हमलावर कोल थॉमस एलन वैâलिफोर्निया का रहने वाला है और उसने इस हमले को अकेले ही अंजाम दिया। उसे कुछ लोग ‘लोन वुल्फ’ भी करार दे रहे हैं यानी ऐसा हमलावर जो किसी संगठन से सीधा जुड़ा न हो, लेकिन ऑनलाइन कट्टरता या व्यक्तिगत विचारधारा से प्रेरित हो। सोशल मीडिया पर एक धड़ा इस बात को सही मान रहा है, क्योंकि एलन के पास से बरामद सामग्री उसके किसी भी आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव के संकेत नहीं दे रही है।
स्लीपर सेल का प्रतिशोध
सबसे ज्यादा चर्चा ‘ईरानी स्लीपर सेल’ की थ्योरी को लेकर है। साल २०२५ के उत्तरार्ध में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के मिसाइल कार्यक्रमों पर किए गए हमलों के बाद से ही तेहरान ने ‘कड़े इंतकाम’ की कसम खाई थी। हाल ही में ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के साथ ईरान युद्धविराम वार्ता को रद्द करना इस आग में घी का काम कर रहा है। सोशल मीडिया पर #IranSleeperCell और #TehranRevenge जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। विशेषज्ञों का तर्क है कि एलन जैसा व्यक्ति, जिसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, किसी विदेशी एजेंसी के लिए एक आदर्श ‘स्लीपर’ हो सकता है जिसे सालों तक ‘एक्टिवेट’ होने का इंतजार कराया गया हो।

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