-दादा गुट के भीतर सियासी तूफान वीडियो लॉबिंग से गरमाई राजनीति
सामना संवाददाता / मुंबई
विधान परिषद सीट के टिकट की जंग अब खुलकर ‘जुगाड़’ के खेल में बदल गई है। एक सीट पर एक दर्जन दावेदारों ने दांव लगा रखा है। यही वजह है कि दादा गुट में एक सीट के लिए सियासी तूफान मचा है। कोई वीडियो लॉबिंग से पुराने वादे याद दिला रहा है तो कोई हाईकमान पर सीधा दबाव बना रहा है। दावेदारों की लंबी कतार और फंडिंग के नाम पर ‘डील’ की चर्चाओं ने विवाद बढ़ा दिया है। वहीं ‘एमएमडी पैâक्टर’ की मांग ने इस मुकाबले को महज एक टिकट से आगे बढ़ाकर पैसा, पावर और सामाजिक समीकरणों की बड़ी सियासी लड़ाई बना दिया है।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कुल नौ नियमित सीटों और एक उपचुनाव सहित १० सीटों के लिए १२ मई को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बीच इन १० सीटों में से एक सीट दादा गुट की सुनेत्रा पवार के हिस्से में आने वाली है। हालांकि, इस एक सीट के लिए दावेदारों की संख्या अधिक होने के कारण अंदरखाने खींचतान तेज हो गई है। हर इच्छुक नेता अपने-अपने तरीके से नेतृत्व तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। कुछ इच्छुकों ने सीधे सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र लिखकर अपनी दावेदारी पेश की है।
रूपाली ने लिखा पत्र
रूपाली ठोंबरे ने गुट की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को पत्र लिखकर मौका देने की मांग की है। इसके अलावा नाजेर काजी, सुनील मगरे, सुरेश बिराजदार, अमरसिंह पंडित, संजय दौंड, कल्याण आखाडे और सुरेखा ठाकरे जैसे नेताओं ने भी प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से अपनी बात रखी है। कुछ नेताओं ने अजीत पवार द्वारा पहले दिए गए आश्वासनों की भी याद दिलाई है।
