मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स .... स्टिंग ऑपरेशन में बड़ा धमाका!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स …. स्टिंग ऑपरेशन में बड़ा धमाका!

(सत्ता में सुंदरी की घुसपैठ-३)

श्रीकिशोर शाही
उस सुंदरी का नाम तो पता चल गया था, पामेला बोर्डेस, पर लोग ज्यादा जानना चाहते थे। तभी मार्च १९८९ की उस सर्द सुबह को एक टैब्लॉयड ने जोरदार धमाका किया। उस वक्त लंदन सप्ताहांत की खुमारी में था, तभी ‘न्यूज अॉफ द वर्ल्ड’ के धमाके की गूंज सीधे संसद के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ तक गई। अखबार के पहले पन्ने की एक खबर ने रातों-रात ब्रिटिश राजनीति की नींव हिलाकर रख दी।
अखबार के खोजी पत्रकारों ने एक बेहद गुप्त स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया था। उन्हें भनक लग चुकी थी कि ब्रिटिश सांसदों के इर्द-गिर्द घूमने वाली, एलीट पार्टियों की शान और सत्ता के गलियारों में बेरोकटोक एंट्री पाने वाली पामेला बोर्डेस की एक काली सच्चाई भी है। इसे साबित करने के लिए पत्रकारों ने रईस ग्राहकों का वेश धरा और पामेला से संपर्क किया।
अखबार ने अपने विस्फोटक खुलासे में दावा किया कि संसद का वीआईपी सिक्योरिटी पास गले में लटकाकर घूमने वाली यह खूबसूरत ‘रिसर्चर’ वास्तव में एक हाई-प्रोफाइल कॉल गर्ल है। रिपोर्ट में पूरे सबूतों के साथ छापा गया कि पामेला एक रात के लिए उस दौर में ५०० पाउंड की भारी रकम वसूलती थी।
यह खुलासा किसी सियासी भूकंप से कम नहीं था। हंगामा सिर्फ पामेला के गुप्त पेशे को लेकर नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा में एक भयानक सेंधमारी का मामला था। ‘न्यूज ऑफ द वर्ल्ड’ ने सीधे सवाल दागा, ‘आखिर एक विदेशी एस्कॉर्ट, जिसके तार लीबियाई खुफिया अधिकारियों से भी जुड़े थे, उसे ब्रिटिश लोकतंत्र के सबसे सुरक्षित घेरे में घुसने की इजाजत वैâसे मिल गई?
यह सिर्फ एक सेक्स स्वैंâडल का पर्दाफाश नहीं था, बल्कि ब्रिटिश खुफिया तंत्र और राजनेताओं की एक शर्मनाक नाकामी थी। अखबार के इस एक स्टिंग ऑपरेशन ने सत्ता के शीर्ष पर बैठे रसूखदार लोगों के चेहरों से नकाब नोच लिया और एक ही झटके में ग्लैमरस पामेला को पूरे ब्रिटेन की सबसे बड़ी विलेन बना दिया।
(शेष अगले अंक में)

 

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