एजेंसी / तेहरान
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी ने माहौल को और गर्म कर दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स आईआरजीसी की ओर से आए सख्त संदेश के बाद संकेत मिल रहे हैं कि हालात फिर से टकराव की ओर बढ़ सकते हैं। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी गई है। ट्रंप के इस बड़बोलेपन पर ईरान ने तगड़ा बयान दिया है। ईरान की सेना का कहना है कि अमेरिका के साथ सीजफायर होने के बावजूद लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सेना ने अपने सभी टारगेट और हथियारों की तैयारी को अपडेट कर लिया है, यानी वे हर वक्त तैयार हैं।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिका में ब्रिटेन के राजा के सामने दावा किया है कि ईरान सैन्य तौर पर यह जंग हार चुका है। लेकिन इसी बीच ईरान का करारा जवाब भी आ गया है। ईरान की सेना का कहना है कि अमेरिका के साथ सीजफायर होने के बावजूद लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सेना ने यह भी दावा किया कि उसने दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी पकड़ बना रखी है। ईरान के सरकारी चैनल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के अनुसार, सेना के प्रवक्ता अमीर अकरमीनिया ने कहा कि सैन्य नजरिए से स्थिति अभी भी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सेना ने अपने सभी टारगेट और हथियारों की तैयारी को अपडेट कर लिया है, यानी वे हर वक्त तैयार हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो अकरमीनिया ने दावा किया कि दुश्मन ने कई बार धमकी दी, लेकिन जमीन पर हमला करने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने कहा कि इसका कारण ईरान की मजबूत तैयारी और सेना के बीच तालमेल है।
होर्मुज पर टकराव, अमेरिका-ईरान तनाव फिर भड़का
मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी। ट्रंप का कहना है कि ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज क्षेत्र में नाकेबंदी जारी रखेगी।
