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पीक आवर में मेट्रो लेट … घाटकोपर-वर्सोवा लाइन पर हंगामा, मेट्रो में देरी से भीड़ बेकाबू

द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई मेट्रो में तकनीकी खराबी और रखरखाव कार्यों के कारण देरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ और अफरा तफरी का माहौल बन रहा है। गुरुवार सुबह एक बार फिर मुंबई मेट्रो वन में ट्रेन के २० मिनट लेट होने के कारण कई स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्यस्त समय में यात्रा प्रभावित हुई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घाटकोपर और वर्सोवा को जोड़ने वाली मेट्रो वन पर फंसे यात्रियों की लंबी कतारें ट्रेन में चढ़ने के लिए संघर्ष करती नजर आईं।
मेट्रो के लेट होने के कारण भीड़ प्लेटफॉर्म पर जमा हो गई और यात्री ट्रेनों में चढ़ने की कोशिश करते नजर आए। इससे विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले यात्रियों को काफी असुविधा हुई। मुंबई मेट्रो वन द्वारा जारी एक अपडेट में बताया गया कि पटरियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए किए जा रहे रखरखाव कार्य के तहत बेंगलुरु मेट्रो के सहयोग से रात भर रेल ग्राइंडिंग का काम चलने के कारण ट्रेन सेवाएं लीट हुईं। मेट्रो प्रशासन ने बताया कि मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अस्थायी गति प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जिसके कारण ट्रेन सेवाओं में देरी हो रही है। मार्च २०२६ के अंत में आरे और बीकेसी के बीच तकनीकी खराबी के कारण ट्रेनें ३० मिनट तक लेट हुई थीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
यात्री सुनील सिंह ने कहा कि अंधेरी घाटकोपर मेट्रो लाइन बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे उन्हें समय पर दफ्तर पहुंचने में देरी हुई। एक अन्य यात्री ने सवाल उठाया कि यह काम पहले या रात के समय क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लंबे वीकेंड से पहले इस तरह का कार्य यात्रियों को असुविधा पहुंचाता है और इसे टाला जा सकता था। यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने सुझाव दिया कि सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की तरह मेगाब्लॉक अलर्ट जारी किया जाना चाहिए। एक अन्य यात्री ने मेट्रो प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य सप्ताहांत में किए जा सकते थे, जब यातायात कम रहता है।

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