पटना से आई एक घटना ने इंसानियत को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। जक्कनपुर थाना क्षेत्र में ७२ वर्षीय सुधा देवी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। मामला महज १२ हजार रुपए के उधार से जुड़ा बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, सुधा देवी अपने पड़ोसी के घर उधार दिए गए पैसे वापस मांगने गई थीं। कुछ देर बाद खबर आई कि वह गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना का चौंकाने वाला पहलू यह है कि परिवार ने इसे साफ तौर पर मारपीट और हत्या का मामला बताया है, जबकि आरोपी पक्ष का दावा है कि सुधा देवी सीढ़ियों से गिर गई थीं। इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से नमूने जुटाए हैं, ताकि यह साफ हो सके कि बुजुर्ग महिला की मौत दुर्घटना थी या किसी हमले का परिणाम। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का आईना भी है। जिस उम्र में बुजुर्गों को सहारे और सम्मान की जरूरत होती है, उस उम्र में उन्हें अपने ही पैसे मांगने पर जान गंवानी पड़े, तो यह कानून-व्यवस्था के साथ सामाजिक नैतिकता पर भी गंभीर सवाल है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
