सुनील ओसवाल / मुंबई
देशभर में पेट्रोल-डीजल बचाने और फिजूल ईंधन खर्च रोकने की अपील करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को क्या उनके ही मंत्री गंभीरता से नहीं ले रहे? बुलढाणा में सामने आई एक तस्वीर ने सियासी गलियारों में यही सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ देश के मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारी मेट्रो, इलेक्ट्रिक कार और बाइक से सफर कर ‘ईंधन बचत’ का संदेश दे रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यक्रम में ४० गाड़ियों का लंबा काफिला दिखाई देने से अब विपक्ष के साथ-साथ आम लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है। बुलढाणा जिले में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के हाथों मॉडल डिग्री कॉलेज के भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। एक दिन पहले गडकरी ने बस से यात्रा करके ईंधन बचत का संदेश दिया था। मगर यह सिर्फ एक दिन की चांदनी साबित हुई।
सवालों के घेरे में
दावा किया गया कि गडकरी ने खर्च कम करने और संदेश देने के लिए बस से यात्रा की, लेकिन इसके बाद गडकरी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं, अधिकारियों और सुरक्षा वाहनों का इतना बड़ा काफिला पहुंचा कि पूरा ‘ईंधन बचाओ अभियान’ सवालों के घेरे में आ गया।
फडणवीस ने किया मुंबई को ‘प्रदूषित’ बाइक की पीयूसी तो एक्सपायर्ड है!
-बुलेट पर बैठकर पहुंचे थे विधानभवन
-विपक्ष ने जारी किए बाइक के दस्तावेज
-लोग बोले, ‘ये स्टंट है, रोज आएं तो जानें’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी और सरकारी खर्च में कटौती की अपील के बाद देशभर में मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी गुरुवार को बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर विधानभवन पहुंचे। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि फडणवीस प्रदूशण पैâलाने वाली बाइक पर बैठकर विधान भवन आए थे, क्योंकि उसका पीयूसी एक्सपायर्ड है।
विपक्ष के आरोप के बाद मुख्यमंत्री की यह ‘रॉयल एंट्री’ अब भाजपा सरकार के लिए ही मुश्किल बनती नजर आ रही है। कांग्रेस ने दावा किया है कि बाइक का पीयूसी यानी प्रदूषण प्रमाणपत्र एक्सपायर हो चुका था। मुंबई कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। गायकवाड ने सोशल मीडिया पर कथित दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई बुलेट का पीयूसी प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ दिन पहले फडणवीस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, लेकिन अब खुद मुख्यमंत्री एक्सपायर्ड दस्तावेज वाली गाड़ी का इस्तेमाल करते नजर आए। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आम जनता के लिए ट्रैफिक नियम सख्ती से लागू होते हैं, लेकिन क्या सत्ता में बैठे लोगों के लिए नियम अलग हैं? विपक्ष ने इसे ‘दिखावटी सादगी’ और ‘राजनीतिक स्टंट’ करार दिया है। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की बुलेट यात्रा अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार केवल प्रचार और फोटो सेशन की राजनीति कर रही है, जबकि नियमों का पालन खुद नहीं कर रही।
