सामना संवाददाता / मुंबई
देशभर में भाजपा नेताओं द्वारा ईंधन बचाने के लिए कारों के काफिले में कटौती और ईंधन बचाने के फोटो सेशन की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना की जा रही है। इस कथित सादगी और मितव्ययिता पर अब शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने सत्ताधारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव प्रचार और यात्राओं पर हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बाद अब वैâमरे का सही एंगल सेट कर सरकार के सदस्य जिस तरह बचत का ड्रामा कर रहे हैं, वह देखना दिलचस्प है।
पीएम ने दी थी सलाह
पीएम नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले देशवासियों को संबोधित करते हुए मितव्ययिता अपनाने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की थी। पीएम सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के काफिलों में गाड़ियों की भारी संख्या को लेकर जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद मोदी सहित कई मंत्रियों द्वारा अपने काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम करने की खबरें आईं।
आर्थिक संकट के लिए युद्ध नहीं
१२ वर्षों की असफल
आर्थिक नीतियां जिम्मेदार!
आदित्य ठाकरे ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना
भाजपाई नेता और मंत्री इन दिनों ईंधन बचाने के लिए कारों का काफिले में कटौती करने का ड्रामा कर रहे हैं। इस क्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी गुरुवार को बुलेट मोटरसाइकिल से विधानसभा पहुंचे। उनकी इस बाइक यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। अब इस मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिवसेना नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज देश जिस आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, उसके लिए केवल मध्य पूर्व या पश्चिम एशिया का युद्ध जिम्मेदार नहीं है, बल्कि पिछले १२ वर्षों की असफल आर्थिक नीतियां भी इसकी मुख्य वजह हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जिस देश में करोड़ों युवा बेरोजगार हैं और रोजगार की तलाश कर रहे हैं, जहां गरीबी कम होने के दावे आंकड़ों की बाजीगरी से किए जाते हैं जबकि जमीनी हकीकत अलग है, वहां जनता से त्याग की अपील करने के बजाय सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से बताना चाहिए कि वह जनता के लिए वास्तव में क्या कर रही है।
