सामना संवाददाता/सुल्तानपुर
लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी और हीट वेव से यूपी के सुल्तानपुर जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसे लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सजग हो गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न प्रकार की संभावित आपदाओं, विशेष रूप से बाढ़, लू, सूखा और भारी वर्षा से बचाव एवं योजना निर्माण को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में हीट वेव से बचाव, राहत एवं जनजागरूकता, बाढ़ प्रबंधन, सूखा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, विद्युत, श्रम तथा शिक्षा विभाग की ओर से राहत एवं बचाव संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने हीट वेव को गंभीर आपदा मानते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला चिकित्सालय में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी और दस्त से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त दवाएं, ओआरएस, पेयजल एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहें। साथ ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी संवेदनशीलता के साथ लगाई जाए।
बैठक में नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, प्याऊ संचालित कराने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। तहसील स्तर पर आमजन के लिए कूल रूम तैयार करने को भी कहा गया।
विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा हेल्पलाइन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। वहीं जल निगम को पर्याप्त जलापूर्ति बनाए रखने को कहा गया।
श्रम विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्माण स्थलों और खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर कार्य समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच किसी भी श्रमिक से कार्य न लिए जाने को सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्माण स्थलों, ईंट भट्ठों और अन्य कार्यस्थलों का निरीक्षण कर एडवाइजरी का पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई। विभिन्न स्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालय बंद रखे जाएं तथा किसी प्रकार का समर कैंप संचालित न किया जाए। जनपद स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए, जिसके तहत सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने तथा लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
कम बारिश की स्थिति में पड़ने वाले सूखे से निपटने के लिए की गई तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फसलों को बचाने के लिए उचित व्यवस्था की जाए तथा खराब नलकूपों और सूखे तालाबों को समय रहते दुरुस्त कराया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रबंधन को लेकर गोमती नदी में आने वाली बाढ़ से राहत एवं बचाव के लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राशन, दवाइयां, नाव, गोताखोर, बाढ़ चौकियां, बाढ़ शरणालय, स्नेक वेनम, एनडीआरएफ, मेडिकल स्टाफ, पेयजल एवं खाद्य सामग्री जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं।
संभावित भारी वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी समय से पहले आमजन तक पहुंचाई जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हीट वेव, सूखा और बाढ़ जैसी किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा विभागीय कार्ययोजना के अनुसार लगातार निगरानी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
