-प्रयागराज में शिक्षक पर जानलेवा हमला…असलहा सटाकर दी धमकी
-आरोपियों ने खुद को बताया `बड़ा गुंडा’
राजेश सरकार / प्रयागराज
नैनी कोतवाली क्षेत्र से सरकारी शिक्षक से रंगदारी मांगने, मारपीट और जान से मारने की धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रयागराज के डीएवी इंटर कॉलेज में कार्यरत एक शिक्षक ने मोहल्ले के दबंगों पर प्लॉट पर कब्जा करने और मकान निर्माण रुकवाने के लिए 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
इस मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में नैनी थाने में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। हालांकि, आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं किए जा सके हैं। यमुनानगर कोरांव निवासी पीड़ित शिक्षक राकेश कुमार के मुताबिक, उन्होंने फरवरी 2026 में नैनी एफसीआई रोड स्थित मुंडीचक मोहल्ले में एक प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि उसी इलाके के रहने वाले जितेंद्र पासी और उसके साथियों की नजर प्लॉट पर थी और वे लगातार धमकी दे रहे थे।
पीड़ित का आरोप है कि 19 मई 2026 की रात करीब 9 बजे, जब वह अपने प्लॉट पर काम बंद कर घर लौटने की तैयारी कर रहा था, तभी जितेंद्र पासी लगभग 15 लोगों के साथ वहां पहुंच गया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए खुद को इलाके का `बड़ा गुंडा’ बताया और कहा कि जब तक 10 लाख रुपए नहीं दोगे, तब तक मकान नहीं बनने देंगे।
पीड़ित ने की सख्त कार्रवाई की मांग
शिक्षक ने विरोध किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर धारदार हथियार, असलहे और लोहे की रॉड निकाल लीं। बदमाशों ने उसके साथ मौजूद भतीजे दीपांशु और करण को भी जान से मारने की धमकी दी। डरवश जब शिक्षक ने डायल 112 पर कॉल करने की कोशिश की तो आरोपियों ने मोबाइल छीनकर तोड़ दिया और मारपीट शुरू कर दी। शिक्षक के सिर, हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आने की बात कही गई है। पीड़ित ने मामले में एफआईआर दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस विवेचना पर उठाए सवाल
पीड़ित राकेश कुमार ने पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के सभी आरोपी लगातार उसे धमका रहे हैं। उसने अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया तो आरोपियों ने काम रुकवा दिया और रंगदारी मांगने लगे। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
एडिशनल सीपी के सख्त निर्देश के बाद नैनी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन मामले के विवेचक दरोगा यश तिवारी ने आरोपियों के पक्ष में रिपोर्ट लगा दी, जिससे उसे न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ गई है। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही विवेचना की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की अपील की है।
विवेचक ने यह कहा
विवेचक दरोगा का कहना है कि शिकायतकर्ता अध्यापक ने सबसे पहले आरोपी अभियुक्तों से प्लॉट खरीदने के लिए संपर्क किया था, लेकिन बाद में उसने दूसरी जगह प्लॉट खरीद लिया। इसके बाद से विवाद शुरू हुआ। मौके पर जाकर जांच किए जाने पर लोगों ने बताया कि शिकायतकर्ता शिक्षक आरोपी के प्लॉट को बिकने नहीं दे रहा है। दरोगा ने जनसुनवाई पोर्टल में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
हौसले बुलंद
आरोपियों के पक्ष में दी गई इस रिपोर्ट के चलते उनके हौसले बुलंद हैं और पीड़ित शिक्षक को लगातार धमकी दी जा रही है। अभियुक्तों के पक्ष में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद विवेचक अब आरोपियों को गिरफ्तार भी नहीं कर रहा है, क्योंकि इससे विवेचक स्वयं फंस सकते हैं।
