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टैंकर माफियाओं की चांदी

मुंबई में गहराया जल संकट! 

वसूल रहे दोगुनी कीमत

सामना संवाददाता / मुंबई

पानी बचाने के लिए मनपा की अपील

मनपा ने मुंबईकरों से पानी का सीमित उपयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने शॉवर की जगह बाल्टी से नहाने, वाहन धोने में पानी बर्बाद न करने और लीकेज तुरंत ठीक कराने को कहा है। बढ़ते जल संकट को देखते हुए नागरिकों से सहयोग की मांग की गई है।
सोसायटियों का बिगड़ा बजट
जल संकट बढ़ते ही टैंकर माफिया सक्रिय हो गया है। जो पानी का टैंकर पहले १,५०० से २,००० रुपए में मिलता था, उसकी कीमत अब ३,५०० से ४,००० रुपए तक पहुंच गई है। कई हाउसिंग सोसायटियों का मासिक बजट केवल पानी खरीदने में बिगड़ रहा है।
भीषण गर्मी ने मायानगरी मुंबई को प्यासा कर दिया है। शहर को जलापूर्ति करनेवाली झीलों में तेजी से घटते जलस्तर और पानी कटौती के बीच अब मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि जहां कुछ दिन पहले तक पानी का एक टैंकर १,५०० से २,००० रुपये में मिल जाता था, वहीं अब उसके लिए ३,५०० से ४,००० रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। जल संकट ने टैंकर माफियाओं की चांदी कर दी है, जबकि आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। मानसून की देरी ने शहर की चिंता और बढ़ा दी है।
भीषण गर्मी के बीच मायानगरी मुंबई पर जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों और बांधों में जलस्तर तेजी से घटने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने १५ मई से पूरे शहर में १० से १५ प्रतिशत पानी कटौती लागू कर दी है। लेकिन इस सरकारी कटौती ने मुंबईकरों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। मुंबई को पानी देने वाली तानसा, भातसा, अपर वैतरणा समेत प्रमुख झीलों में इस समय कुल जलसंग्रह मात्र १९.२२ प्रतिशत के आसपास रह गया है। अल नीनो के प्रभाव और मानसून में संभावित देरी की आशंका ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। वाष्पीकरण की तेज रफ्तार के कारण जलभंडार तेजी से घट रहे हैं।
हालात ये हैं कि आधिकारिक तौर पर १०-१५ प्रतिशत कटौती का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई इलाकों में लोगों को ४० से ५० प्रतिशत तक पानी की कमी झेलनी पड़ रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा टैंकर माफिया उठा रहे हैं। जो पानी का टैंकर कुछ दिन पहले तक १,५०० से २,००० रुपए में मिल जाता था, वही अब ३,५०० से ४,००० रुपए तक बेचा जा रहा है। आरोप है कि टैंकर माफिया अवैध कुओं और मनपा पाइपलाइनों में लीकेज से पानी चोरी कर उसे ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इसके बावजूद मनपा की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है।
मनपा ने नागरिकों से पानी बचाने, शॉवर की जगह बाल्टी इस्तेमाल करने और अनावश्यक पानी की बर्बादी रोकने की अपील की है। फिलहाल मुंबईकरों की निगाहें मानसून पर टिकी हैं। जब तक झमाझम बारिश नहीं होती, तब तक शहर को जल संकट और टैंकर माफिया दोनों का सामना करना पड़ेगा।

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