मुख्यपृष्ठस्तंभहनीफनामा :  करियर के लिए किशोर-मिथुन एक हुए!

हनीफनामा :  करियर के लिए किशोर-मिथुन एक हुए!

हनीफ जवेरी

फिल्म उद्योग में कलाकारों के बीच अपने साथी कलाकारों या पत्रकारों से हुआ मनमुटाव ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलता। करियर की खातिर उन्हें अपने गिले-शिकवे भुलाकर आगे बढ़ना ही पड़ता है।
गायक किशोर कुमार ने अपनी पूर्व पत्नी योगिता बाली को अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के साथ विवाह बंधन में बंधते देखकर यह तय कर लिया था कि अब वे मिथुन के लिए कभी प्लेबैक नहीं करेंगे। जबकि इससे पहले वे उनकी कुछ फिल्मों के लिए प्लेबैक कर चुके थे, जिनमें सुपर-डुपर हिट फिल्म ‘सुरक्षा’ भी शामिल थी। किशोर कुमार की पहली शादी १९५० में रूमा गुहा के साथ हुई थी। इसके बाद उन्होंने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम अब्दुल करीम रखकर प्रसिद्ध अभिनेत्री मधुबाला से विवाह किया। यह बात उनके बड़े भाई अशोक कुमार को बिल्कुल पसंद नहीं आई। सूत्रों के अनुसार, इस कारण दोनों भाइयों के बीच बातचीत तक बंद हो गई थी।
सन् १९७६ में फिल्म ‘एक बाप छह बेटे’ की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेत्री योगिता बाली से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और एक दिन अचानक उन्होंने शादी करने का पैâसला कर लिया। यह विवाह योगिता बाली के घर पर ही संपन्न हुआ, जिसमें उनके कन्यादान की रस्म हास्य अभिनेता महमूद ने निभाई, जो किशोर के बचपन के दोस्त थे और योगिता के भी काफी करीबी रहे। उन्होंने योगिता को अपनी फिल्मों ‘कुंवारा बाप’ और ‘जनता हवलदार’ में भी काम दिया था। उसी दौरान योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती फिल्म ‘ख्वाब’ की शूटिंग साथ-साथ कर रहे थे, जिसके कारण दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। जबकि उस समय मिथुन, हेलेन ल्यूक के प्रेम में थे। इधर योगिता को यह एहसास होने लगा कि उन्होंने अपने से लगभग २० वर्ष बड़े किशोर कुमार से विवाह करके गलती कर दी है। इसके चलते किशोर और योगिता के बीच तनाव बढ़ने लगा। योगिता को मनाने के लिए किशोर ने उनके साथ ‘जमुना के तीर’ नामक फिल्म बनाने की घोषणा भी कर दी, लेकिन बात नहीं बनी। अंतत: १९७८ में फिल्म ‘एक बाप छह बेटे’ के रिलीज होते ही दोनों का तलाक हो गया।
मिथुन एक समय में दो महिलाओं को डेट कर रहे थे। पहली प्रेमिका हेलेन ल्यूक के दबाव में आकर उन्होंने १९७९ में उनसे शादी कर ली, लेकिन उनका झुकाव योगिता बाली की तरफ ज्यादा होने के कारण यह शादी चार महीने से ज्यादा नहीं चल सकी। उसी साल उन्होंने योगिता बाली से विवाह करके अपना घर बसा लिया, जिससे किशोर कुमार को गहरा सदमा पहुंचा और इसी के चलते उन्होंने मिथुन के लिए प्लेबैक सिंगिंग बंद कर दिया था। हालांकि, उनके लिए पहले से रिकॉर्ड किए गए कुछ गाने बाद में फिल्मों के साथ रिलीज होते रहे। इनमें फिल्म पतिता (१९८०) से लेकर १९८४ की फिल्म जागीर तक कई फिल्में शामिल हैं। मिथुन का करियर संवरने लगा और उन्होंने अपनी पत्नी योगिता बाली के साथ भी ‘उन्नीस-बीस’, ‘बेशक’ और ‘कराटे’ जैसी फिल्मों में काम किया। उधर किशोर कुमार का करियर थोड़ा नीचे आने लगा था। १९८५ में आई मिथुन की फिल्म ‘प्यार झुकता नहीं’ का एक युगल गीत तुमसे मिलकर न जाने क्यों, और भी कुछ याद आता है। बहुत हिट हुआ, जिसे शब्बीर कुमार ने मिथुन के लिए गाया था। यह देखकर किशोर को लगा कि अब उन्हें मिथुन के लिए प्लेबैक सिंगिंग करने से इनकार नहीं करना चाहिए। वहीं मिथुन भी चाहते थे कि किशोर उनके लिए अपनी आवाज दें। आखिरकार, करियर की खातिर दोनों के बीच की रंजिश खत्म हो गई। इसके बाद १९८६ की फिल्म ‘जाल’ से लेकर १९९० की फिल्म ‘शानदार’ तक कई फिल्मों में किशोर कुमार ने मिथुन के लिए अपनी आवाज दी। इनमें से कई फिल्में तो किशोर के निधन यानी १९८७ के बाद रिलीज हुर्इं। हालांकि, योगिता बाली से अलग होने के बाद किशोर ने अभिनेत्री लीना चंदावरकर से शादी करके अपना घर बसा लिया था।

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