मुख्यपृष्ठस्तंभचतुर ट्रंप की शातिर चाल

चतुर ट्रंप की शातिर चाल

मनमोहन सिंह

-यूएफओ के बहाने क्राइसिस मैनेजमेंट

ट्रंप ने फाइलें जारी कर अपना वादा तो पूरा किया, लेकिन इसके टाईमिंग ने साफ कर दिया है कि यह केवल वैज्ञानिक उत्सुकता नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक फजीहत से ध्यान भटकाने का एक बेहद चतुर और सनसनीखेज प्रयास भी है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूएफओ से जुड़ी अति-गुप्त फाइलों को सार्वजनिक करने का पैâसला इस समय दुनिया भर में कौतूहल और विवाद का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर इसे ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को सामने लाने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे घरेलू राजनीति में अपनी किरकिरी से बचने की एक सोची-समझी ‘ध्यान भटकाने की रणनीति’ के रूप में देखा जा रहा है।
इस घटनाक्रम के पीछे दो प्रमुख दृष्टिकोण काम कर रहे हैं।
रहस्य बनाम सैन्य गोपनीयता
१९४० के दशक से जुड़ी इन १६० अति-गुप्त फाइलों का सार्वजनिक होना वैज्ञानिकों और यूएफओ विशेषज्ञों के लिए किसी बड़े धमाके से कम नहीं है। लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन फाइलों में एलियंस से ज्यादा अमेरिकी सेना के गोपनीय सैन्य रहस्य छिपे हो सकते हैं। शीत युद्ध के दौर में किए गए उन्नत विमानों के परीक्षण और खुफिया रडार तकनीकों को अक्सर ‘यूएफओ’ का नाम देकर छिपाया गया था, जो अब दुनिया के सामने आ रहे हैं।
फजीहत और ध्यान भटकाने की चाल?
ट्रंप अपने कड़े और लीक से हटकर लिए गए फैसलों के कारण लगातार अपने ही देश में आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। उनके कई फैसलों को लेकर जनता और राजनीतिक गलियारों में भारी असंतोष है। ऐसे नाजुक समय पर अचानक इन फाइलों को जारी करना क्राइसिस मैनेजमेंट का हिस्सा लगता है। राजनीति का यह पुराना नियम है कि जब भी घरेलू मोर्चे पर सरकार घिरने लगे, तो किसी ऐसे सनसनीखेज मुद्दे को हवा दे दी जाए जिससे मीडिया और जनता का ध्यान मुख्य समस्याओं से हट जाए। यूएफओ एक ऐसा विषय है जो पल भर में पूरी दुनिया का ध्यान खींच लेता है।

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