मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : ऐसा बार-बार क्यों होता है साई?

आउट ऑफ पवेलियन : ऐसा बार-बार क्यों होता है साई?

अमिताभ श्रीवास्तव

गुजरात टाइटंस के बल्लेबाज साई सुदर्शन के हिट विकेट को लेकर कई सारे सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे फिक्सिंग तक करार दे दिया जा रहा है तो कोई इसे संयोग मान रहा है। आखिर ऐसा क्यों है कि साई दो बार एक जैसे ही आउट हुए? मुल्लापुर में खेले गए क्वालिफायर २ मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से हराकर आईपीएल २०२६ के फाइनल में जगह बनाई। २१५ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने १६७ रन की पार्टनरशिप कर दी। सुदर्शन ने ५८ रन बनाकर हिट-विकेट हुए। ये लगातार दूसरा मौका था जब उनके इस तरह से दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट होकर लौटना पड़ा। ये कप्तान शुभमन के लिए भी हैरान करने वाला था। मैच के बाद सुदर्शन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे लगातार दो बार हिट-विकेट आउट होने के बाद अब अपने ग्लव्स पर ‘ग्रिप टेक’ या गोंद लगाने का सोच रहे हैं। उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘मुझे खुद भी पता नहीं चल रहा ऐसा कैसे हो रहा है। लगता है कि मुझे कुछ चीजें ट्राई करनी चाहिए। अब मैं ग्रिप टेक ट्राई करूंगा और कुछ गेंद खेलकर देखूंगा कि कैसा रहता है। मैं इस तरह से आउट होने में दिन ब दिन बेहतर होता जा रहा हूं। पिछले मैच में बल्ला उछलते हुए स्टंप्स पर जा लगा था। इस मैच में तो ऐसा था कि जैसे मैं सीधा स्टंप पर ही मारना चाहता था। ‘जो हो मगर यह साई को खुद नहीं पता कि वो ऐसे कैसे आउट हो जाते हैं।
धोखेबाज अंग्रेज
अब अंग्रेजों की धोखेबाजी से तो पूरी दुनिया परिचित है। लिहाजा इसमें कुछ नया नहीं है। फिर चाहे राजस्थान रॉयल्स के कोच संगाकारा कितना भी कुछ कह दें। दरअसल, यह बात उठी सैम कुरेन के मैच नहीं खेलने पर। राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम कुरेन को जमकर लताड़ा है। संगकारा ने आईपीएल २०२६ से अंतिम समय में हटने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बीसीसीआई को अपनी सख्त नीति जारी रखनी चाहिए कि विदेशी खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान अपने कॉन्ट्रैक्ट का पूरी तरह पालन करें। कुरेन ने जांघ के अंदरूनी हिस्से (ग्रोइन) में चोट का हवाला देते हुए आईपीएल से नाम वापस ले लिया था। इंग्लैंड लौटने के बाद हालांकि वह टी२० ब्लास्ट में अपनी काउंटी टीम सरे के लिए तीन मैच खेल चुके हैं, जिससे उनके आईपीएल से हटने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। इस सीजन में भी ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस मामूली फिटनेस समस्याओं के कारण प्रतियोगिता के दूसरे चरण में अपनी-अपनी टीमों से जुड़े थे। इस बीच पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन ने भी कहा है कि बीसीसीआई और विदेशी क्रिकेट बोर्डों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों की अनुपलब्धता से टीमों के संतुलन पर अधिक असर न पड़े।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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