सामना संवाददाता / मुंबई
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अपेक्षाकृत सस्ते र्इंधन विकल्प माने-जानेवाले सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) पर भी लगातार महंगाई की मार पड़ रही है। सीएनजी के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट खर्च महंगा हो गया है। इसके साथ ही अब घरेलू उपयोग में आनेवाली पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के दाम बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट भी प्रभावित होनेवाला है। रसोई की तपन अब पीएनजी के दाम बढ़ने से तेज हो गई है। इस दोहरी बढ़ोतरी ने वाहन चालकों के साथ-साथ गृहिणियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
महानगर गैस लिमिटेड ने मुंबई महानगर क्षेत्र में सीएनजी की कीमत में प्रति किलोग्राम २ रुपए की वृद्धि की है। वहीं घरेलू पीएनजी के दाम में ५० पैसे प्रति एससीएम (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। गौरतलब है कि पिछले १५ दिनों के भीतर यह तीसरी बार है कि जब सीएनजी की कीमत बढ़ाई गई है। इससे पहले दो बार बढ़ोतरी की गई थी। ताजा वृद्धि के बाद मुंबई, ठाणे, नई मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों में सीएनजी का भाव ८४ रुपए से बढ़कर ८६ रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है, वहीं पीएनजी की कीमत ५२ रुपए प्रति एससीएम तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीएनजी को पेट्रोल और डीजल की तुलना में किफायती विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन लगातार हो रही मूल्य वृद्धि से यह अंतर धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। दूसरी ओर पीएनजी के दाम बढ़ने से लाखों परिवारों के मासिक घरेलू खर्च में भी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
