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भिवंडी में छिपा था पुणे शराब कांड का ‘जहर’!..एफडीए ने जप्त की ५,९२९ किलो मिथेनॉल… यहीं से रसायन की हुई थी सप्लाई

सुनील ओसवाल / मुंबई

पुणे में जहरीली शराब पीने से अब तक २२ लोगों की मौत हो चकी है। इस मामले में जांच अब भिवंडी तक पहुंच गई है। एफडीए ने भिवंडी स्थित एक कंपनी पर छापा मारकर ५,९२९ किलो मिथेनॉल जब्त किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इसी रसायन का इस्तेमाल जहरीली हाथभट्ठी शराब बनाने में किया गया था। कार्रवाई के बाद संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया है।
कंपनी के रिकॉर्ड से मिथेनॉल गायब है!
पुणे में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की जांच के दौरान भिवंडी स्थित एक कंपनी का नाम सामने आया था। इसके बाद एफडीए की टीम ने कंपनी के गोदाम पर छापेमारी की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में मिथेनॉल बरामद हुआ। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के रिकॉर्ड में इस रसायन के भंडारण और बिक्री से संबंधित आवश्यक जानकारी नहीं मिली।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि भिवंडी से यह रसायन कथित तौर पर कुछ मध्यस्थों के जरिए पुणे जिले तक पहुंचाया गया। संयुक्त जांच में कर्नालसिंग विरका, मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े तथा उरली कांचन के राजू प्रजापति के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि अधिक मुनाफे के लिए मिथेनॉल का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने में किया गया। गौरतलब है कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के विभिन्न इलाकों में जहरीली शराब पीने से अब तक २२ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों का उपचार जारी है। इस घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन पर अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ा है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने २५ मई को पदभार संभालने के बाद विभागीय अधिकारियों को अवैध रसायन और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।

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