एजेंसी / वाशिंगटन
ईरान की मिसाइलों ने कुवैत स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर भारी तबाही मचाई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की फतेह-११० मिसाइल को हवा में ही रोक लिया, लेकिन उसके मलबे ने अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बना लिया। इस घटना में कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। वहीं एक एमक्यू-९ रीपर ड्रोन पूरी तरह नष्ट हो गया, जबकि एक अन्य मानव रहित विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रखा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ा है। इसी बीच संघर्ष को रोकने के लिए युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का सिलसिला अभी भी जारी है।
२५० करोड़ का ड्रोन
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स द्वारा विकसित एमक्यू-९ रीपर ड्रोन की कीमत लगभग २५० करोड़ रुपए होती है। ईरानी मिसाइल हमले में ऐसे एक ड्रोन के नष्ट होने और दूसरे के क्षतिग्रस्त होने को अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान ने यह हमला उस समय किया जब वॉशिंगटन युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए समझौते पर विचार कर रहा है।
अंतिम फैसला के लिए तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि वह प्रारंभिक समझौते पर ‘अंतिम फैसला’ लेने के लिए तैयार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले ने युद्धविराम की संभावनाओं को झटका दिया है और क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है।
