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मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए महिलाओं को फंसाकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश…सरगना समेत दो गिरफ्तार

उमेश गुप्ता / वाराणसी

मैट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से महिलाओं को अपने झांसे में फंसाकर विदेश से महंगे गिफ्ट और पार्सल भेजने का लालच देकर फर्जी कस्टम अधिकारी बन साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार एक महिला ने थाना साइबर क्राइम वाराणसी में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने मैट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर उसे अपने झांसे में लिया और विदेश से पार्सल भेजने का दावा करते हुए फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर उससे लाखों रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 10/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान एवं अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेंद्र के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 31 मई 2026 को बिहार के मोतिहारी से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य विभिन्न मैट्रीमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से दोस्ती करते थे। इसके बाद खुद को विदेश में रहने वाला बड़ा व्यवसायी बताकर भरोसा जीतते थे और महंगे उपहार, घड़ी, मोबाइल फोन, ज्वेलरी आदि से भरा पार्सल भेजने का झांसा देते थे।
जब पीड़िता पार्सल प्राप्त करने के लिए तैयार हो जाती थी, तब गिरोह के अन्य सदस्य फर्जी कस्टम अधिकारी, जीएसटी अधिकारी या ड्रग विभाग के अधिकारी बनकर संपर्क करते थे और पार्सल छुड़ाने के नाम पर अलग-अलग शुल्क जमा कराने को कहते थे। इसी बहाने उनसे बड़ी रकम ठग ली जाती थी।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने अपने नेटवर्क के माध्यम से करीब 500 फर्जी म्यूल बैंक खाते खुलवाए थे। ठगी से प्राप्त धनराशि पहले इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी, फिर विभिन्न माध्यमों से रकम को घुमाकर नकद निकाला जाता था, जिससे पुलिस की निगरानी से बचा जा सके।
फिलहाल, साइबर क्राइम पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने देशभर में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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