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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया!

-तंबाकू से कमाई १०० रुपए, नुकसान ८१६ रुपए 

-ग्लोबल एडल्ट टोबैको के सर्वे में खुलासा

-बेस्ट की मुहिम बनी मिसाल

रामदिनेश यादव / मुंबई

तंबाकू उद्योग से सरकार को राजस्व अवश्य प्राप्त होता है, लेकिन तंबाकूजनित बीमारियों के उपचार, कार्यक्षमता में कमी और समयपूर्व मृत्यु के कारण देश को कहीं अधिक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। वैश्विक और राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में भी यह सामने आया है कि तंबाकू से सरकार को १०० रुपए का राजस्व मिलता है तो सामाजिक और आर्थिक नुकसान ८१६ रुपए होता है। जो सरकार की आमदनी से ८ गुना से भी अधिक है। हिंदुस्थान में हुए ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के अनुसार भारत मे तंबाकू के चलते सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक क्षति के अलावा देश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में ‘आमदनी अठन्नी, खर्चा कई रुपैया’ वाली स्थिति पैदा हो गई है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर बेस्ट मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि देश में तंबाकू के चलते युवा वैंâसर के जाल में फंस रहा है। देश की शक्ति युवा शक्ति मानी जाती है, लेकिन यहां युवा वैंâसर के चलते अपना जीवन गवां रहा है। हिंदुस्थान में प्रतिदिन लगभग ३,५०० लोगों की असमय मृत्यु तंबाकूजनित बीमारियों के कारण होती है। मुख वैंâसर के मामलों में भारत दुनिया में सबसे आगे है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
हालांकि, इस दौरान बेस्ट के हेल्थ विभाग के एचओडी डॉ. अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि तंबाकू में लगभग ७,००० प्रकार के रसायन पाए जाते हैं जो उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, लकवा, मधुमेह, टीबी और वैंâसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।
तंबाकू मुक्त अभियान में बेस्ट निकला ‘बेस्ट’
उन्होंने बताया कि वर्ष २०१४ से चलाया जा रहा ‘तंबाकूमुक्त बेस्ट अभियान’ लगातार सफल साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच, व्यसनमुक्ति परामर्श और निकोटीन-मुक्त विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने तंबाकू की लत छोड़ने में सफलता हासिल की है। वैंâसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन और बेस्ट के संयुक्त अभियान के तहत वर्ष २०२५-२६ में १,८०० कर्मचारियों का सर्वे किया गया, जिसमें २४९ नए तंबाकू सेवनकर्ताओं की पहचान हुई। इन्हें उपचार और परामर्श से जोड़ा गया। बेस्ट प्रशासन अब इस अभियान का विस्तार २७ डिपो और ३,३०० बसों तक करने जा रहा है, जिससे लगभग ५,००० कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा।

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